Israel Hamas War : गत सात अक्टूबर को इजरायल पर हमास के भीषण हमलों से दुनिया सन्न रह गई। हमास के इतने भीषण हमले की किसी को उम्मीद नहीं थी। दुनिया की टॉप खुफिया एजेंसियों में शामिल इजरायल के मोसाद को इस हमले की भनक तक नहीं लगी। हमले के आकार एवं भीषणता को देखते हुए यह कहा जाने लगा कि हमास ने इनकी तैयारी एवं प्लानिंग वर्षों तक की होगी। अमेरिका एवं इजरायल की खुफिया एजेंसियों को चकमा देने के लिए बड़ी ही गूढ़ प्लानिंग एवं तैयारी की जरूरत है।
हमास और ईरान के बीच सीक्रेट डील के बारे में खुलासा
रिपोर्टों में दावा किया गया कि हमास को यह मदद ईरान से मिली। जंग के शुरू होने पर ईरान जिस तरह से हमास के समर्थन में खुलकर सामने आया और जैसे बचाव किया उससे हमास के साथ उसके कनेक्शन की बात पुख्ता हो गई। अब आईडीएफ को ईरान के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं। आईडीएफ को गाजा सिटी के बाहर खड़े एक मिनी ट्रक में एक कंप्यूटर मिला है। कहा जा रहा है कि इस कंप्यूटर में ईरान के क्लासीफाइड डॉक्यूमेंट हैं जो हमले में ईरान की संलिप्तता को उजागर करते हैं। दस्तावेजों से पता चला है कि हमले का प्लान ईरान में तैयार किया गया और हमास के आतंकियों को खास ट्रेनिंग दी गई। डॉक्यूमेंट से हमास और ईरान के बीच सीक्रेट डील के बारे में भी खुलासा हुआ है।
अल-शिफा अस्पताल पर रेड
इजरायली सेना ने बुधवार को कहा कि उसने गाजा सिटी के सबसे बड़े अस्पताल अल-शिफा अस्पताल में छिपे आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की। ये आतंकवादी अस्पताल के तहखाने में छिपे थे। आईडीएफ की कार्रवाई में हमास के कई आतंकवादी मारे गए। इस बीच, गाजा पट्टी में राहत अभियान चलाने के लिए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र के ट्रकों में इस्तेमाल के लिए 24,000 लीटर डीजल को मंजूरी प्रदान कर दी है।
