'नो डील', रक्षा खर्च, यूक्रेन से लेकर ग्रीनलैंड तक, अंकारा में NATO की दो दिन की बैठक में क्या-क्या हुआ

ट्रंप ने बुधवार सुबह संवाददाताओं से कहा कि तेहरान के साथ समझौता (MoU) "खत्म" हो चुका है, जिसके बाद उन्होंने ईरान पर तीखे शब्दों में हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, 'उनका नेतृत्व बीमार लोगों के हाथों में है। वे शातिर, हिंसक लोग हैं, और अगर उनके पास परमाणु हथियार होता, तो वे उसका इस्तेमाल कर लेते।

NATO summit 2026: तुर्किये की राजधानी अंकारा में उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) की दो दिनों की बैठक संपन्न हो गई है लेकिन इन दो दिनों की बैठक में ऐसी कई सारी चीजें और घटनाक्रम हुए हैं जो वैश्विक समीकरण और भू-राजनीति को प्रभावित करने वाले हैं। सबसे बड़ी बात ईरान के साथ MoU पर बातचीत पर हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को स्पष्ट रूप से कह दिया कि अब कोई MoU नहीं है, ईरान के साथ सीजफायर खत्म हो गया है। यानी ईरान और अमेरिका युद्ध वाली स्थिति में लौट चुके हैं। ट्रंप ने ईरान और उसके नेतृत्व के बारे में और भी आपत्तिजनक बातें कहीं। इसके अलावा नाटो के देश अपना रक्षा बजट बढ़ाने और यूक्रेन को वित्तीय मदद देने पर सहमत हुए हैं। एक लंबी चुप्पी के बाद ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर फिर अपना दावा दोहराया।

NATO summit

तुर्किये की राजधानी आंकारा में संपन्न हुआ NATO समिट।

ट्रंप का बयान: ईरान के साथ समझौता (MoU) 'खत्म'

ट्रंप ने बुधवार सुबह संवाददाताओं से कहा कि तेहरान के साथ समझौता (MoU) "खत्म" हो चुका है, जिसके बाद उन्होंने ईरान पर तीखे शब्दों में हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, 'उनका नेतृत्व बीमार लोगों के हाथों में है। वे शातिर, हिंसक लोग हैं, और अगर उनके पास परमाणु हथियार होता, तो वे उसका इस्तेमाल कर लेते। जहां तक मेरा सवाल है, यह खत्म हो चुका है।' हालांकि, उसी दिन बाद में अपनी अंतिम टिप्पणियों में ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि युद्ध दोबारा पूरी तरह से शुरू होगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका 'लंबे समय तक चलने वाले' संघर्ष की उम्मीद नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा, 'ईरान मूल रूप से युद्धविराम का उल्लंघन कर रहा है। हमने देखा कि कल जहाजों पर हमलों के साथ क्या हुआ। मुझे लगता है कि यह बेहद महत्वपूर्ण है कि अमेरिका इसका पुरजोर जवाब दे।'

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