France Riots Cause: फ्रांस पिछले तीन दिन से जल रहा है। अब तक करीब 1 हजार लोगों की गिरफ्तारी हुई है। हालात को देखते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां को यूरोपीय यूनियन का दौरा स्थगित कर पेरिस वापस आना पड़ा। कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई गई। जिस तरह की तस्वीर सामने आ रही है उसमें इमरजेंसी लगाने तक की नौबत आ सकती है। इन सबके बीच यह समझना जरूरी है कि आखिर क्या हुआ कि फ्रांस पहले सुलगा और फिर जल उठा। दरअसल अल्जीरियन मूल के 17 साल के एक लड़के नाहेल एम की पुलिस फायरिंग में मौत हुई और उसका असर यह हुआ कि अब तक 2 हजार गाड़ियों को आग के हवाले किया जा चुका है, करीब 500 घरों में तोड़फोड़ हुई। पुलिस की कार्रवाई में अब तक 800 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हुई है। लेकिन सड़कों पर शांति नहीं है।
फ्रांस में हालात बेहद खराब
पांच प्वाइंट्स में क्या है पूरी कहानी
- 27 जून को नाहेल एम नाम के एक लड़के को पुलिस ने नानटेरे इलाके में रोका और ट्रैफिक जांच के समय उसे रुकने के लिए कहा लेकिन वो नहीं रुका और पुलिस ने उसे गोली मार दी। हालांकि पुलिस ने अपनी सफाई में कहा कि गोली कार के टायर को निशाना बनाते हुए चलाई गई थी। लेकिन जो वीडियो वायरल हुआ उसमें पुलिस कार के दरवाजे पर गोली चलाती नजर आई। इसके बाद पेरिस से हिंसा की शुरुआत हुई और पूरा फ्रांस जल उठा।
- नाहेल एम, अल्जीरियाई मूल का फ्रांस में शरणार्थी था। वो डिलिवरी ब्वॉय के तौर पर काम करने के साथ रग्बी भी खेलता था। उसके पिता के बारे में जानकारी नहीं हैं और वो अपनी मां का एकलौता लड़का था। नाहेल ने पढ़ाई बीच रास्ते छोड़ इलेक्ट्रीशियन की ट्रेनिंग ले रहा था। उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं था। हालांकि पुलिस को उसके बारे में जानकारी थी।
- फ्रांस में हिंसा पर लगाम लगाने के लिए 40 हजार की फोर्स सड़कों पर तैनात है। लेकिन हालात नियंत्रण में नहीं है। कुछ इलाकों में कर्फ्यू भी लगाया गया है। मारसे शहर में शाम सात बजे के बाद किसी भी तरह के प्रदर्शन पर रोक है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है। रात के समय जो लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं उनसे कड़ाई से पूछताछ भी की जा रही है।
- नाहेल की हत्या के आरोपी पुलिस अधिकारी को प्रारंभिक जांच के बाद स्वैच्छिक हत्या का प्रारंभिक आरोप सौंपा गया है। नैनटेरे अभियोजक के हवाले से कहा गया था कि हथियार के कानूनी उपयोग की शर्तों को पूरा नहीं किया गया था।आरोपी अधिकारी के नाम को सार्वजनिक नहीं किया गया है। आरोपी के वकील लॉरेंट-फ्रैंक लियानार्ड ने कहा कि उन्होंने जो पहला शब्द बोला वह सॉरी कहना था और आखिरी शब्द पीड़ित परिवार से सॉरी कहना था।
- फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने हिंसा को "अनुचित" बताते हुए विरोध प्रदर्शन की निंदा की है।उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "पुलिस स्टेशनों, स्कूलों, टाउन हॉल और गणतंत्र के खिलाफ हिंसा अनुचित है। पुलिस, पुलिस, अग्निशमन कर्मियों और निर्वाचित अधिकारियों को धन्यवाद। ध्यान, न्याय और शांति से अगले कुछ घंटों में मार्गदर्शन मिलना चाहिए।मैक्रॉन ने शुक्रवार को अपनी कैबिनेट की संकटकालीन बैठक बुलाई, जो दो दिनों में इस तरह की दूसरी बैठक थी।
नस्ल की वजह से हमला
नाहेल एम की मां मौनिया ने एक फ्रांसीसी टीवी चैनल से कहा कि वह पूरी पुलिस को दोषी नहीं ठहराती हैं, बल्कि केवल उस अधिकारी को दोषी मानती हैं जिसने उनके बेटे की जान ले ली।उन्होंने कहा कि अधिकारी ने एक अरब चेहरा देखा,एक छोटा बच्चा और उसकी जान लेना चाहता था। वहीं संयुक्त राष्ट्र अधिकार कार्यालय ने कहा कि यह फ्रांस के लिए "कानून प्रवर्तन में नस्लवाद और नस्लीय भेदभाव के गहरे मुद्दों को गंभीरता से संबोधित करने का क्षण है। हम शांतिपूर्ण सभा के महत्व पर भी जोर देते हैं। हम अधिकारियों से प्रदर्शनों में हिंसक तत्वों को संबोधित करने के लिए पुलिस द्वारा बल का उपयोग सुनिश्चित करने की अपील करते हैं।
