Chinmoy Krishna Das Parole Bangladesh: बांग्लादेश में जेल में बंद प्रमुख हिंदू अधिकार कार्यकर्ता और सनातन जागरण मंच के नेता चिन्मय कृष्ण दास की 71 वर्षीय मां संध्या रानी धर का कैंसर के इलाज के दौरान चटगांव के हथजारी स्थित एक अस्पताल में निधन हो गया। मां की अंतिम इच्छा अपने जेल में बंद बेटे का चेहरा देखने की थी, लेकिन सख्त नियमों का हवाला देकर प्रशासन ने उनकी जीवन की अंतिम घड़ियों में मिलने की याचिका खारिज कर दी थी।
बांग्लादेश में मानवीय संवेदना पर सवाल, जेल में बंद संत चिन्मय कृष्ण दास की मां का निधन, अंतिम संस्कार के लिए मिली सिर्फ 5 घंटे की पैरोल
मां के निधन के बाद चटगांव जिला प्रशासन ने चिन्मय कृष्ण दास को उनके अंतिम संस्कार की धार्मिक विधियों में शामिल होने के लिए मात्र 5 घंटे की सशर्त पैरोल मंजूर की।
अंतिम पलों में नहीं हो सकी बेटे से मुलाकात
चिन्मय कृष्ण दास की मां संध्या रानी धर पिछले लंबे समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रही थीं।
पारिवारिक गुहार खारिज: परिवार के सदस्यों ने प्रशासन से मां की बिगड़ती हालत को देखते हुए चिन्मय दास को उनसे मिलने देने के लिए पैरोल की गुहार लगाई थी। हालांकि, अधिकारियों ने इस मानवीय अपील को खारिज कर दिया, जिसके चलते मां अपने बेटे का चेहरा देखे बिना ही इस दुनिया से विदा हो गईं।
5 घंटे की अल्पकालिक पैरोल: चटगांव के जिला उपायुक्त मोहम्मद जाहिदुल इस्लाम ने बताया कि चिन्मय दास के भाई द्वारा दिए गए आवेदन पर कानूनी प्रावधानों के तहत उन्हें केवल 5 घंटे के लिए जेल से रिहा कर अंतिम संस्कार में भाग लेने की अनुमति दी गई।
नवंबर 2024 से जेल में बंद हैं चिन्मय कृष्ण दास
हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास को नवंबर 2024 में चटगांव से बांग्लादेशी अधिकारियों ने गिरफ्तार किया था।
आरोप और तनाव: उन पर देशद्रोह और बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज का कथित रूप से अपमान करने का आरोप लगाया गया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों में हिंदू अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे और सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया था।
जमानत से इनकार: गिरफ्तारी के बाद से ही उन्हें लगातार अदालतों द्वारा जमानत देने से इनकार किया जाता रहा है।
