Chinese spy ship: चीन का जासूसी जहाज आज मालदीव के माले बंदरगाह में प्रवेश करने जा रहा है। इसे लेकर भारतीय नौसेना पूरी तरह सतर्क है और करीबी निगाह बनाए हुए है। मालदीव के राष्ट्रपति मो. मुइज्जू की चीन से करीबी के बीच भारत से साथ इस देश के संबंध सहज नहीं रहे गए हैं। वहीं, हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, नागरिक क्रू अप्रैल और मई में दूसरे एएलएच और डोर्नियर के लिए मौजूदा क्रू की जगह लेगा। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने मालदीव में राहत और बचाव के लिए भारत द्वारा संचालित तीन विमानों के क्रू को हटाने के लिए अप्रैल में मजलिस चुनाव के लिए एक चुनावी मुद्दा बनाया था।
चीन का जासूसी जहाज
मुइज्जू सरकार ने दी ये सफाई
हालांकि मुइज्जू सरकार ने कहा है कि चीनी जहाज जियांग यांग होंग 3 को सिर्फ ऑपरेशनल गतिविधि के लिए माले बंदरगाह में आने की अनुमति दी जाएगी और मालदीव के विशेष आर्थिक क्षेत्र में कोई अनुसंधान नहीं किया जाएगा। जहाज में नागरिक अनुसंधान और सैन्य दोनों निगरानी क्षमताए हैं। चीन में सान्या बंदरगाह छोड़ने के बाद से जहाज का बर्ताव संदिग्ध है और सुंडा जलडमरूमध्य को पार करते समय कम से कम तीन बार इसने अपने ट्रांसपोंडर को बंद किया जिसके लिए इंडोनेशियाई नौसेना ने इसकी खिंचाई की थी। जहाज ऐसा तभी करते हैं जब वे ट्रैक नहीं होना चाहते।
भारतीय नौसेना कर रही निगरानी
वहीं, हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में प्रवेश करने के बाद से भारतीय नौसेना द्वारा चीनी जहाज की निगरानी की जा रही है। लेकिन समुद्री यातायात निगरानी साइट्स से पता चलता है कि लगभग एक पखवाड़े पहले इंडो-जावा समुद्र में प्रवेश करने के बाद से पोत ट्रांसपोंडर बंद कर दिया गया है। मामले के जानकार लोगों के अनुसार, जहाज की करीबी निगरानी से पता चलता है कि जहाज ने आईओआर में प्रवेश करने के बाद से कोई शोध या निगरानी गतिविधि नहीं की है, लेकिन माले में रोटेशन और दोबारा पूर्ति के बाद इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
इसी जहाज को जाना था श्रीलंका
इसी जहाज के 5 फरवरी को समुद्री अनुसंधान के लिए कोलंबो पहुंचने की उम्मीद थी, लेकिन श्रीलंका सरकार ने 22 दिसंबर को नई दिल्ली के अनुरोध पर अपने बंदरगाहों को किसी भी चीनी निगरानी जहाज के लिए बंद करने का फैसला किया। नरेंद्र मोदी सरकार ने 2022 में ही जियांग यांग होंग 03 के श्रीलंकाई और मालदीव के जलक्षेत्र में शीर्ष स्तर पर प्रस्तावित शोध पर अपनी गंभीर चिंताओं से कोलंबो और माले को अवगत करा दिया था।
बता दें कि चीनी नौसेना 2023 में आईओआर में बेहद सक्रिय रही है और उसने एक पारंपरिक डीजल इलेक्ट्रिक पनडुब्बी सहित लगभग 23 युद्धपोत तैनात किए गए थे। इसके अलावा, लगभग 11 चीनी अनुसंधान और सर्वेक्षण जहाजों को इस क्षेत्र में देखा गया था। उस साल इस क्षेत्र में चीन के पास 11 उपग्रह बैलिस्टिक मिसाइल ट्रैकिंग जहाज भी थे।
