Tiangong Space Station: चीन पहले विदेशी व्यक्ति के रूप में अपने मित्र देश पाकिस्तान के एक अंतरिक्ष यात्री को तियानगोंग अंतरिक्ष स्टेशन भेजने की योजना पर काम कर रहा है। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, चीन और पाकिस्तान ने शुक्रवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसमें पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्रियों का चयन करना और उन्हें प्रशिक्षित करना तथा उनमें से कुछ को तियानगोंग भेजना भी शामिल है।
चीन स्पेस स्टेशन (फोटो साभार: @CNSpaceStation)
दोनों देशों के बीच हुई डील
‘चाइना डेली’ की खबर के अनुसार, पाकिस्तानी नागरिक को अंतरिक्ष में भेजने के समझौते पर चीनी और पाकिस्तानी अंतरिक्ष एजेंसियों ने इस्लामाबाद में हस्ताक्षर किए। चीन अपने मित्र देश पाकिस्तान की मदद करने के लिए पिछले कुछ वर्षों से उसके लिए उपग्रहों का प्रक्षेपण कर रहा है।
यह भी पढ़ें: बेहद कठिन है स्पेस स्टेशन की जिंदगी, 90 मिनट में होता है सूर्यास्त; जानें कैसे दिन काटते हैं अंतरिक्ष यात्री
चीन ने क्यों बनाया स्पेस स्टेशन
चीनी अंतरिक्ष स्टेशन को रूस के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन मीर का प्रतिद्वंद्वी माना जा रहा है। चीन को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से कथित तौर पर बाहर किए जाने के बाद बीजिंग ने तियानगोंग बनाया। चीनी अंतरिक्ष स्टेशन को चीन और अमेरिका के बीच प्रतिस्पर्धा के एक नए क्षेत्र के रूप में भी देखा जा रहा है।
चांद पर यात्री भेजना चाह रहा चीन
चीनी मानवयुक्त अंतरिक्ष एजेंसी के उपनिदेशक लिन शियाकियांग ने इससे पहले मीडिया को बताया था कि चीन की योजना 2030 से पहले अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की सतह पर उतारने की है, जबकि अमेरिका की योजना 2025 में अपने अंतरिक्ष यात्रियों को फिर से चंद्रमा पर भेजने की है।
