China supersonic spy drone : दुनिया पर अपना दबदबा बनाने के लिए चीन समय-समय पर अपनी धौंस दिखाता है। कभी पड़ोसी देशों की संप्रभुता पर सवाल उठाता है तो कभी घातक हथियारों की नुमाइश कर अपनी आंखें तरेरता है। अब देशों की जासूसी करने के लिए उसने एक सुपरसोनिक ड्रोन बनाया है। यह जासूसी ड्रोन की आवाज की गति से करीब तीन गुना तेजी से काफी ऊंचाई पर उड़ान भरने में सक्षम है। इसका खुलासा एक लीक हुई एक अमेरिकी सैन्य आंकलन रिपोर्ट में हुई। माना जा रहा है कि इस ड्रोन की तैनाती के बाद चीन की निगरानी क्षमता में कई गुना इजाफा हो जाएगा।
रिपोर्ट में खुलासा-जल्द ही इस ड्रोन को तैनात करेगा चीन। -प्रतीकात्मक तस्वीर
तकनीकी रूप से चीन ने काफी प्रगति की-रिपोर्ट
वाशिंगटन पोस्ट में छपी रिपोर्ट में नेशनल जियोस्पाटियल-इंटेलिजेंस एजेंसी के एक गोपनीय दस्तावेज का जिक्र किया गया है। इस एजेंसी की रिपोर्ट की बातें अभी बाहर नहीं आई थीं लेकिन अखबार के इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की सेना तकनीकी रूप से काफी प्रगति कर रही है और यह उन्नत तकनीक ताइवान के आसपास तैनात अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाने में चीन की मदद कर सकती है।
शंघाई से करीब 350 मील दूर है यह एयरबेस
इस दस्तावेज में गत 9 अगस्त को सैटेलाइट से ली गईं तस्वीरें में पूर्वी चीन स्थित एक वायु सेना ठिकाने को दिखाया गया है। इस रिपोर्ट में रॉकेट से चलने वाले WZ-8 ड्रोन की तस्वीर दी हुई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन का यह एयरबेस शंघाई से करीब 350 मील दूर एक द्वीप पर है। रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि इस ड्रोन के जरिए चीन अपने दुश्मन देशों की सैन्य तैनाती के बारे में रीयल टाइम डाटा और सूचना प्राप्त कर सकता है। भविष्य में टकराव होने पर वह इस ड्रोन के जरिए मिसाइल हमला भी कर सकता है।
ताइवान के पास अमेरिकी युद्धपोतों को नुकसान हो सकता है
इस सैन्य आंकलन रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने इस बेस पर अपने पहले मानवरहित एरियल वेहिकल यूनिट को करीब-करीब तैनात कर लिया है। चीन का यह एयरबेस उसके पूर्वी थियेटर कमांड के अधीन आता है। यह वही कमांड है जो ताइवान पर चीन के दावों को धरातल पर उतारने के लिए सैन्य गतिविधियां करता आया है। अखबार के इस रिपोर्ट पर अमेरिकी रक्षा मंत्रालय और चीन से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
