China and Taiwan: चीन अब ताइवान पर फाइनल वॉर की तैयारी में जुटा है। इसका खुलासा उस सैटेलाइट इमेज (Satellite Image) से हुआ है जिसमें चीन ताइवान स्ट्रेट के नजदीक अपने सैनिकों को पहुंचाने की ट्रेनिंग दे रहा है। PLA का ये ऑपरेशन ताइवान (Operation Taiwan) के लिए चीन का वॉर ब्लूप्रिंट भी माना जा रहा है। शक है कि चीन 16 अक्टूबर या उससे पहले ताइवान पर हमला कर सकता है। ताइवान (Taiwan News) पर कब्जे को लेकर चीन छटपटा रहा है। ताइवान की आजादी वाला नारा जिनपिंग के कानों को खटक रहा है। जिनपिंग (Xi Jinping) नहीं चाहते कि ताइवान किसी भी हालत में चीन की वन चाइना पॉलिसी की मुखालफत करे लेकिन ताइवान भी अड़ा है कि चीन अपनी हद में रहे और ताइवान को तेवरिया दिखानी बंद करे।
कई राज हुए डिकोड
दोनों के बीच तल्खी इस कदर बढ़ गई है कि चीन अब ताइवान पर हमला करने की तैयारी कर ली है। चीन की आर्मी ने ताइवान को लेकर अपने टारगेट तक लॉक कर लिए हैं..आशंका ये जताई जा रही है कि 16 अक्टूबर से पहले कभी भी चीन ताइवान पर हमला कर सकता है। 16 अक्टूबर से पहले ताइवान पर हमले का खुलासा उस सैटेलाइट इमेज से हुआ है जो PLA के मिशन ताइवान से जुड़ी है। तस्वीरों में चीन की सीक्रेट मिलिट्री ड्रिल से जुड़े कई राज डीकोड हुए हैं कि किस तरह चीनी सैनिकों को ताइवान के तट पर पहुंचाने की ट्रेनिंग दी गई। तस्वीरों में जो चीन की हरकत दिख रही है, इसे ऑपरेशन ताइवान के लिए चीन का वॉर ब्लूप्रिंट भी माना जा रहा है। समंदर में इस वॉर रिहर्सल की सबसे बड़ी बात ये थी कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की नेवी एम्फिबियस असाल्ट शिप के साथ ताकत दिखा रही थी। पीएलए की इस सैन्य ड्रिल का एक ही मकसद था, दुश्मन को खबर भी न लगे और टारगेट पर स्ट्राइक हो जाए।ऐसे हुआ खुलासा
सैटेलाइट इमेज से चीन के वॉर प्लान पर खुलासा हुआ है कि चीनी सैनिक कार्गो शिप जरिए ताइवानी सीमा में पहुचाने की ट्रेनिंग कर रहे हैं। इस ट्रेनिंग से चीन ने दिखाया कि कैसे वो ताइवान पर बेहद कम समय में आक्रमण को अंजाम दे सकता है, जिसकी किसी को भनक तक नहीं लगेगी। चीन के वॉर प्लान की जो तस्वीरे सामने आई है वो 31 अगस्त की बताई जा रही है। इस वॉर ड्रिल में चीन ने बो हाई हेंग टोंग नाम के 15 हजार टन मल्टीपर्पज कार्गो शिप के अलावा चीन की सिविलियन शिप का भी इस्तेमाल हुआ, जिससे आशंका जताई जा रही है कि ताइवान पर हमले के लिए चीन छल का भी इस्तेमाल कर सकता है। चीन के ताइवान पर हमले का प्लान एक्सपोज होने के बाद अमेरिका भी परेशान है..चीन की हर तैयारी और धमकी के बाद अमेरिका हमेशा ताइवान के साथ खड़ा दिखा है इसी वजह से ताइवान भी चीन की धमकियों से डरने की बजाय उसका मुकाबला करने की बात कहता रहा है। हाल में अमेरिकी प्रेसिडेंट जो बाइडेन ने भी कहा था कि अगर चीन ने ताइवान पर हमला किया तो अमेरिका उसकी रक्षा के लिए डटकर खड़ा होगा।जाहिर है चीन ताइवान पर हमले को लेकर प्लान तैयार कर रहा है चीन भी जानता है कि ताइवान पर हमले के लिए उसे फुलप्रुफ तैयारी करनी है ताकि यूक्रेन-रूस की तहर उसकी ये जंग लंबी ना चले..लेकिन चीन कितनी भी तैयारी कर रहा हो ये साफ है कि जब भी वो ताइवान पर हमला करेगा तो उसका मुकाबल सुपर पावर अमेरिका से भी होगा और जंग हुई तो चीन को भी इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी
