IMO में ईरान को मिला रूस-चीन का साथ, बोले-राजनीति से प्रेरित है दस्तावेज, निंदा करने वाले UAE का प्रस्ताव खारिज

आईएमओ मीटिंग में चीन के प्रतिनिधि ने यह कहत हुए यूएई के इस प्रस्ताव का समर्थन करने से इंकार कर दिया कि दस्तावेज की कुछ बातें संस्था के क्षेत्राधिकार से बाहर हैं। तो वहीं, रूस के प्रतिनिधि ने कहा कि यूएई का यह दस्तावेज राजनीतिक रूप से पूर्वाग्रह से प्रेरित है।

China-Russia Reject UAE Proposal: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तीन ऑयल टैंकरों पर हमले के बाद ईरान देशों के निशाने पर हैं। खाड़ी के देशों ने भी उसकी निंदा की है। ईरान की निंदा करने वाले संयुक्त अरब अमीरात के इसी तरह के एक प्रस्ताव को रूस और चीन ने खारिज कर दिया है। रूस और चीन ने कहा है कि यह प्रस्ताव 'एकतरफा और ईरान पर दोष' मढ़ने वाला है। यूएई ने यह प्रस्ताव इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO)में पेश किया था।

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तीन तेल टैंकरों पर हुए हैं हमले।

प्रस्ताव को यूएई ने गुरुवार को पेश किया

रिपोर्टों के मुताबिक चीन और रूस के शिष्टमंडल ने कहा कि आईएमओ परिषद में पेश किया गया दस्तावेज एक तरफा है और यह ईरान पर दोष मढ़ता है। ईरान की निंदा करने वाले इस प्रस्ताव को यूएई ने गुरुवार को पेश किया। इससे एक दिन पहले ईरान में चीन के राजदूत झोंग पेइयु ने मीडिया से बातचीत में कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से लगा हुआ एक तटीय देश एक वैधानिक अधिकार रखता है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस बात का सम्मान करना चाहिए।

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