Jaishankar meets Marco Rubio: विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने की जरूरत पर सोमवार को सहमति जताई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत सहित करीब 50 देशों पर जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा के कुछ दिनों बाद जयशंकर और रुबियो के बीच फोन पर हुई बातचीत में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा।
एस जयशंकर की मार्को रूबियों से हुई बात
ट्रंप के टैरिफ के बाद पहली बार बातचीत
ट्रंप द्वारा दो अप्रैल को शुल्क की घोषणा के बाद यह दोनों पक्षों के बीच पहला उच्च स्तरीय संपर्क था। फोन पर हुई बातचीत के बारे में एक्स पर एक पोस्ट में जयशंकर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने के महत्व पर सहमति बनी। विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने रुबियो के साथ हिंद-प्रशांत, भारतीय उपमहाद्वीप, यूरोप, मध्य पूर्व और कैरिबियन क्षेत्र को लेकर विचारों का आदान-प्रदान किया।
शेयर बाजार में हाहाकार
ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ में शुरुआती 10% बेस रेट 5 अप्रैल को लागू किया गया था, जबकि बाकी 16% 9 अप्रैल को लागू किया जाएगा। ट्रंप के इन सुधारों ने दुनिया भर के वित्तीय बाजारों को हिलाकर रख दिया है। भारत में सोमवार को एक दिन में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 3% से अधिक की गिरावट आई। इसके अलावा पूरा एशियाई बाजार धराशाई हो गया।
अमेरिकी विदेश विभाग के एक बयान में कहा गया, उन्होंने भारत पर अमेरिकी पारस्परिक टैरिफ और निष्पक्ष और संतुलित व्यापार संबंधों की दिशा में प्रगति करने के तरीके पर भी चर्चा की। एक्स पर, विदेश मंत्री जयशंकर ने पोस्ट किया, आज अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो से बात करके अच्छा लगा। द्विपक्षीय व्यापार समझौते के जल्द समापन के महत्व पर सहमत हुए। संपर्क में बने रहने की उम्मीद करता हूं।
भारत को सकारात्मक नतीजे की उम्मीद
अमेरिका द्वारा हाल ही में टैरिफ बदलाव ने उसके व्यापारिक भागीदारों के बीच बहुत चिंता पैदा कर दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका सभी आयातों पर 10% का आधार शुल्क लगाएगा और कुछ देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाएगा, जिसमें अमेरिका के प्रमुख सहयोगी देश भी शामिल हैं। इससे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में अनिश्चितता पैदा हो गई है और दुनिया भर में लोग हैरान-पेशान हैं।
