3E and 3A Coach Difference: आपने भी ट्रेन में सफर जरूर किया होगा। देश में ज्यादातर लोग ट्रेन के स्लीपर कोच में सफर करते हैं। वहीं कुछ लोग ट्रेन के AC कोच में सफर करते हैं। भारतीय ट्रेनों में कई तरह के कोच होते हैं, इसमें जनरल से लेकर फर्स्ट एसी शामिल हैं। स्लीपर क्लास एक ऐसा कोच होता है, जिसमें यात्रियों को बैठने और सोने की भी सीट मिल जाती है। इसके साथ ही यह ज्यादा महंगी भी नहीं होती। हालांकि, गर्मी के दिनों में स्लीपर कोच में यात्रा करना थोड़ा कठिन होता है।
भारतीय ट्रेन (iStock)
3E और 3A में क्या है अंतर
गर्मी के दिनों में ज्यादातर यात्री AC कोच में सफर करते हैं। भारतीय ट्रेनों में AC कोच भी अलग-अलग तरह के होते हैं। ज्यादातर लोगों को सिर्फ इतना पता होता है कि ट्रेन में AC के तीन कोच होते हैं। फर्स्ट क्लास एसी, सेकंड क्लास एसी और थर्ड क्लास एसी। हालांकि, आपको बता दें कि ट्रेन में एसी का एक और कोच होता है। इसे 3E कहा जाता है। वहीं थर्ड क्लास एसी को 3A कहा जाता है। क्या आपको पता है कि 3E और 3A में क्या अंतर होता है। अगली बार यात्रा करने से पहले आपको इस सवाल का जवाब जरूर जान लेना चाहिए।
भारतीय रेलवे ने शुरू किया 3E
बता दें कि भारतीय रेलवे ने यात्रियों को किफायती किराये में एसी में ट्रैवल करने के लिए 3E कोच का विकल्प दिया है। इसे एसी इकोनॉमी यानि 3E कहा जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 3E कोच बाकी सुविधाओं में थर्ड एसी यानि 3A की ही तरह होता है। हालांकि, 3E का किराया 3A से काफी कम होता है। दरअसल, 3A कोच में जहां 72 सीटें होती हैं, वहीं 3E कोच में इससे 11 सीट अधिक यानि 83 सीटें होती हैं।
3A की तुलना में संकरी होती है 3E
इसके अलावा हर सीट के यात्रियों के लिए एसी डक अलग-अलग लगाया गया है। हर सीट के लिए बोतल स्टैंड, हर सीट के लिए रीडिंग लाइट और हर सीट के लिए चार्जिंग की भी व्यवस्था 3A की तरह ही होती है। 3A कोच की तरह 3E कोच में भी बेडशीट और चादर मिलते हैं। 3A कोच उन यात्रियों के लिए अच्छा है जो लंबी दूरी की यात्रा करते हैं और भीड़ कम चाहते हैं। जबकि, 3E में अतिरिक्त बर्थ होने के कारण जगह थोड़ी कम होती है और बर्थ अपेक्षाकृत संकरी होती हैं।
