सोशल मीडिया पर हर दिन हर किस्म के वीडियो वायरल होते रहते हैं। आपने ट्रेन के अंदर भी लोगों को एक से बढ़कर एक सुरीली आवाज में गाना गाते हुए देखा होगा, लेकिन क्या आपने रेलवे स्टेशन पर किसी को सुरीली आवाज में गाना गाते हुए सुना या फिर देखा है। शायद ऐसा वीडियो पहले आपमें से हर किसी ने देखा हो। अगर नहीं देखा तो आज देख लीजिए, जिसमें एक छोटा सा बच्चा बड़ी सुरीली आवाज में गाना गाता हुआ दिखाई दे रहा है।
"चार पैसे कमाने मैं आया शहर", छोटे से बच्चे की आवाज सुन आप भी होंगे फैन (फोटो: X/@Khadiza_kbc)
हालांकि वह गाना गाते हुए किसी यात्री से पैसे नहीं मांग रहा है। बल्कि वह प्लेटफॉर्म के एक छोर से गाना गाते हुए दूसरे छोर तक जाता है। यह मासूम बच्चा जो गाना गा रहा है। वह साल 1995 में कलाकार निखिल और विनय द्वारा गाया गया गाना है। जिसके बोल हैं, 'वक्त का ये परिंदा रुका है कहां, मैं था पागल जो इसको बुलाता रहा...चार पैसे कमाने मैं आया शहर गांव मेरा मुझे याद आता रहा।'
सोशल मीडिया यूजर्स ने भी किए मजेदार कमेंट्स
सोशल मीडिया के एक्स पर इस वीडियो को @Khadiza_kbc नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। जिसे पोस्ट करते के बाद इसके कैप्शन में लिखा है : "चार पैसे कमाने आया " छोटे महाराज चार पैसे कमाने आया शहर। धमाकेदार गाने के साथ एंट्री हुई शहर में, इलेक्शन खत्म हुई अब काम पर निकलना है।' सोशल मीडिया यूजर्स ने भी कई तरह के कमेंट्स किए हैं।
पहले ने लिखा: "छोटे महाराज की तो एंट्री ही फिल्मी हो गई भाई चार पैसे कमाने आया था शहर, और धमाकेदार गाने ने पूरा माहौल ही हाई कर दिया। इलेक्शन की धूल अभी बैठी ही थी कि जनाब फिर काम पर निकल पड़े जिंदगी भी क्या है कभी वोट, कभी नोट, और बीच में मेहनत की दौड़। महाराज का स्वैग वही, बस सीन बदल गया।", दूसरे ने लिखा: "छोटे महाराज की एंट्री हुई और शहर में अब चार पैसे कमाने की दुकान खुल गई! चुनाव खत्म, अब असली गेम शुरू", तीसरे ने लिखा: "छोटे महाराज की एंट्री तो धमाकेदार है, चार पैसे कमाने का जुनून साफ झलकता है। गाना सुनकर दिल छू जाता है, शहर में मेहनत की नई शुरुआत।" इस वीडियो को अब तक 70 हजार से ज्यादा बार देखा गया है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
