वेल्स के एक बीच पर इन दिनों एक अजीब और रहस्यमयी घटना लोगों को हैरान कर रही है। यहां समुद्र की लहरों के साथ सैकड़ों पुराने जूते किनारे पर बहकर आ रहे हैं। ये कोई आम जूते नहीं हैं, बल्कि लगभग 150 साल पुराने विक्टोरियन-युग के काले चमड़े के बूट बताए जा रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि किसी को भी ठीक-ठीक नहीं पता कि ये जूते आखिर कहां से आ रहे हैं और इतने लंबे समय तक कैसे सुरक्षित रहे। एक स्मिथसोनियनमैग साइट के मुताबिक दक्षिणी वेल्स के Ogmore-by-Sea नामक जगह पर सफाई करने वाले स्वयंसेवकों ने जब बीच की चट्टानों और रेत के बीच से कूड़ा हटाना शुरू किया, तभी उन्हें ये पुराने बूट नजर आए। सिर्फ कुछ ही दिनों में करीब 200 जूते मिल गए।
दुनिया का सबसे अजीब समुद्र तट! (फोटो: iStock)
तलवे लोहे के छोटे-छोटे कीलों से जुड़े
सितंबर से अब तक 400 से ज्यादा जूते इकट्ठे किए जा चुके हैं। कई जूतों की हालत देखकर लगता है कि वे बहुत पुराने हैं, फिर भी आश्चर्यजनक रूप से कई बूट अभी भी ठीक स्थिति में हैं। इनके तलवे लोहे के छोटे-छोटे कीलों से जुड़े दिखाई देते हैं, जो पुराने जमाने की जूता बनाने की तकनीक को दिखाते हैं। बीच की सफाई करने वाली टीम ने जूतों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं और लोगों से मदद मांगी कि वे बता सकें कि ये किस दौर के हैं और कहां से आए होंगे। इसके बाद लोगों ने अपनी-अपनी राय दी। कुछ लोगों ने बताया कि वे सालों से यहां ऐसे जूते देखते आ रहे हैं।
150 साल पुराना है इतिहास
फिलहाल जिस सिद्धांत को सबसे ज्यादा सही माना जा रहा है, उसके अनुसार ये जूते एक मालवाहक जहाज के थे। माना जाता है कि लगभग 150 साल पहले एक इटालियन कार्गो शिप इस इलाके के पास Tusker Rock से टकराकर डूब गया था। उसके साथ ही जहाज पर भरा सारा सामान समुद्र में बिखर गया। कहा जाता है कि वही कार्गो समय-समय पर नदी और समुद्र की धाराओं के साथ बहकर आज भी बाहर आ रहा है। जब किनारों पर मिट्टी कटती है, तब पुराने जूते फिर दिखाई देने लगते हैं।
स्थानीय लोग इन जूतों को सिर्फ रहस्य नहीं, बल्कि इतिहास की याद मानते हैं। उनके अनुसार, ये उस समय की कहानी बताते हैं जब समुद्री व्यापार बहुत महत्वपूर्ण था और छोटे हादसे भी बड़े परिणाम छोड़ जाते थे। ये पहला मौका नहीं है जब पुराने जूतों ने दुनिया का ध्यान खींचा हो। इससे पहले नॉर्वे, ऑस्ट्रिया और स्पेन में भी सदियों पुराने जूते मिल चुके हैं। ऐसे मामलों से यह साबित होता है कि इतिहास हमेशा कहीं न कहीं छिपा रहता है, बस उसे खोजने वाले चाहिए।
