Namaste Gesture Countries: हम अक्सर “नमस्ते” कहकर हाथ जोड़कर अभिवादन करते हैं। यह तरीका भारत की संस्कृति का अहम हिस्सा है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि दुनिया के कई अन्य देशों में भी इसी तरह का अभिवादन किया जाता है। इस मुद्रा को अंजलि मुद्रा (anjali mudra meaning) कहा जाता है, जो सम्मान और शांति का प्रतीक मानी जाती है। भारत के पड़ोसी देश नेपाल में भी लोग बिल्कुल इसी तरह “नमस्ते” या “नमस्कार” कहकर हाथ जोड़ते हैं। वहां यह परंपरा रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है और भारत से काफी मिलती-जुलती है। थाईलैंड में इस तरह के अभिवादन को “वाई” कहा जाता है। यहां लोग हाथ जोड़कर हल्का सा सिर झुकाते हैं और “सावत दी” बोलते हैं।
दुनिया के कई देशों में होता है हाथ जोड़कर अभिवादन (Photo: iStock)
नमस्ते का तरीका का लगभग एक जैसा
यह सम्मान दिखाने का सबसे आम तरीका है। वहीं, कंबोडिया में इसे “साम्पिया” कहा जाता है, और लाओस में “नॉप” नाम से जाना जाता है। इन देशों में भी लोग हाथ जोड़कर सामने वाले का अभिवादन करते हैं। इसके अलावा श्रीलंका, भूटान, म्यांमार और इंडोनेशिया के कुछ हिस्सों, खासकर बाली में भी इसी तरह की परंपरा देखने को मिलती है। हालांकि वहां बोले जाने वाले शब्द अलग हो सकते हैं, लेकिन तरीका लगभग एक जैसा ही होता है।
इसमें किसी को नहीं होती छूने की जरूरत
इस तरह का अभिवादन क्यों किया जाता है? दरअसल, यह सम्मान, विनम्रता और शांति को दर्शाता है। इसका संबंध हिंदू और बौद्ध परंपराओं से है, जो समय के साथ दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देशों में फैल गईं। इस अभिवादन का एक फायदा यह भी है कि इसमें किसी को छूने की जरूरत नहीं होती, इसलिए यह साफ-सुथरा और सुरक्षित तरीका माना जाता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि जापान में लोग झुककर अभिवादन करते हैं, लेकिन वहां हाथ नहीं जोड़े जाते। वहीं, पश्चिमी देशों में यह मुद्रा योग और ध्यान के कारण जानी जाती है, लेकिन वहां इसे पारंपरिक अभिवादन के रूप में नहीं अपनाया गया है।
