बेंगलुरु के ऑटो चालक ने वाहन को 'मिनी लाइब्रेरी' में बदला, यात्रियों को फ्री किताबें देने के लिए अपनाई अनोखी तरकीब

Viral Video: इस अनोखी चलती-फिरती मिनी लाइब्रेरी की फोटो को रविल्ला लोकेश ने अपने लिंक्डइन अकाउंट पर शेयर किया है। लोकेश ने तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, 'बैंगलोर स्टाइल! केवल बेंगलुरु में ही आपको जीवन संबंधी सलाह और दार्शनिक ज्ञान मुफ्त में मिल सकता है।'

Viral Video: भारतीय शहरों में आवागमन के लिए ऑटो सबसे किफायती और सुलभ है। खासकर आजकल के कैब कल्‍चर में ऑ‍टो रिक्‍शा की अहमियत और ज्‍यादा हो गई है। यात्रियों को आकर्षित करने के लिए, ऑटो चालक अक्सर अपने इस वाहन में चमकीले रंग, मजेदार स्‍लोगन या अनोखे पोस्‍टर लगाते हैं। मगर बेंगलुरु में एक ऑटो चालक ने अपनी अनूठी पहल से लोगों का दिल जीत लिया है। ऑटो चालक ने यात्रियों को एक अनूठा अनुभव प्रदान करने के लिए अपने वाहन को "मिनी लाइब्रेरी" में बदल दिया है। ऑटोरिक्शा में 'तलाक क्यों?' और 'भगवान आपसे प्यार करता है' जैसे शीर्षकों वाली कई किताबों का कलेक्‍शन है। यात्रियों को दार्शनिक और आध्यात्मिक कितबों को पढ़ने के लिए गर्मजोशी से आमंत्रित किया जाता है, साथ ही एक नोट भी दिया जाता है, जिसमें लिखा होता है, 'सभी के लिए मुफ़्त, अगर आप चाहें तो ले सकते हैं।'

बेंगलुरु का वायरल ऑटो।

इस अनोखी चलती-फिरती मिनी लाइब्रेरी की फोटो को रविल्ला लोकेश ने अपने लिंक्डइन अकाउंट पर शेयर किया है। लोकेश ने तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, 'बैंगलोर स्टाइल! केवल बेंगलुरु में ही आपको जीवन संबंधी सलाह और दार्शनिक ज्ञान मुफ्त में मिल सकता है... ऑटोरिक्शा में! ट्रैफिक में फंसे रहने के दौरान मेरे दोस्त को पहियों पर चलने वाली यह मिनी लाइब्रेरी मिली। "तलाक क्यों?" से लेकर "भगवान आपसे प्यार करते हैं" तक, यह ऑटो चालक जीवन कोच, सलाह देने वाले और आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में दोहरी भूमिका निभा रहा है और यह सब बेंगलुरु की अस्त-व्यस्त सड़कों पर चल रहा है।'

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