Samarth by Hyundai: कला और समावेशन की मिसाल

दिल्ली के National Museum में कला सिर्फ इतिहास को सहेजने की जगह नहीं है, बल्कि उसे इस तरह पेश किया गया है कि हर व्यक्ति, खासकर दिव्यांगजन भी उसे अनुभव कर सकें। यहां व्यवस्था ऐसी बनाई गई है कि कोई भी व्यक्ति बिना रुकावट और बिना सहारे के संग्रहालय घूम सके। आर्टिस्ट Niyaz Hussain जब म्यूजियम में चलते हैं, तो वे दिखाते हैं कि सोच-समझकर किया गया डिजाइन कैसे फर्क पैदा करता है। व्हीलचेयर के लिए आसान एंट्री, लिफ्ट, चौड़े रास्ते और सही जगहों पर बैठने की सुविधा- हर बात इस सोच को मजबूत करती है कि एक्सेसिबिलिटी यहां प्राथमिकता है, अतिरिक्त सुविधा नहीं। यहां की अनुभव गैलरी खास है। इसमें 5,000 साल पुरानी भारतीय कला से जुड़े 22 टैक्टाइल रेप्लिका रखे गए हैं, जिन्हें छूकर महसूस किया जा सकता है। इससे कला केवल देखने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उसे महसूस करने और समझने का अवसर भी मिलता है। Samarth by Hyundai ऐसी कहानियों के जरिए यह दिखाता है कि जब समावेशन नींव बन जाता है, तभी एक्सेसिबिलिटी रोजमर्रा की हकीकत बनती है।This is a sponsored feature.