Samarth by Hyundai: एक्सेसिबिलिटी की नई परिभाषा

श्रवण बाधित और सुनने में कठिनाई वाले लोगों के लिए इंडियन साइन लैंग्वेज (ISL) सिर्फ communication का जरिया नहीं है, बल्कि यह उनके लिए अपनापन, सम्मान और समावेश का एहसास है। अगर शुरुआत से ही श्रवण बाधित बच्चों को ISL की सुविधा मिले, तो वे आत्मविश्वास के साथ सीखते और आगे बढ़ते हैं। भारत में दिव्यांगजनों में करीब 19% लोग श्रवण बाधित हैं, इसलिए ISL उनके लिए option नहीं, बल्कि जिंदगी का जरूरी हिस्सा है।  इंटरनेशनल डे ऑफ साइन लैंग्वेज पर Samarth by Hyundai, ISL को सच्ची accessibility की language मानकर सेलिब्रेट कर रहा है-  ताकि शिक्षा, सशक्तिकरण और बराबरी के दरवाजे खुलें और एक ऐसी दुनिया बने जहां हर आवाज सुनी और समझी जा सके।