What To Do If Fire Breaks Out In Train: मध्य प्रदेश के बीना में आज सोमवार सुबह वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के एक कोच में आग लग गई। ये ट्रेन भोपाल से दिल्ली जा रही थी। अकसर ट्रेन में आग लगने की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिससे जान-माल का नुकसान होता है। पर सवाल यह है कि आखिर ट्रेन कोचों में आग लगती क्यों है और अगर आग लग जाए तो यात्रियों को क्या करना चाहिए? आगे जानिए पूरी डिटेल और सेफ्टी टिप्स।
अगर ट्रेन में आग लग जाए तो क्या करें
किन वजहों से लगती है आग
इंडियन रेलवे की वेबसाइट के अनुसार यात्री डिब्बों में जवलनशील पदार्थ या उपकरण ले जाने से आग लगने की संभावना रहती है। इनमें पेट्रोल और गैस सिलेंडर जैसी चीजें शामिल हैं। वहीं कागज, लकड़ी या पेट्रोल जैसे जवलनशील पदार्थों के पास आग जलाने से भी ट्रेन में आग लग सकती है।
ये हैं आग लगने के बाकी कारण
- जलती माचिस की तीलियाँ, लापरवाही से फेंके गई सिगरेट या बीड़ी के टुकड़े आग का कारण बन सकती है
- बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट
- पेंट्रीकार में गैस सिलेंडर से रिसाव या विस्फोट
- पेंट्रीकारों में न्यूज पेपर जैसे जल्दी आग पकड़ने वाली चीजों को लापरवाही से रखना
- अगर पेंट्रीकार में कर्मचारी मौजूद उपकरणों का इस्तेमाल लापरवाही से करें
- तोड़-फोड़ या उपद्रव से भी आग लग सकती है
- सिगरेट के टुकड़ों, बीड़ों के टुकड़ों, गुटखा के पाउचों आदि को पंखों के बेस, फ्यूज़ डिस्ट्रिब्यूशन या बोर्डों आदि में फंसा देना
- ब्रेक बाइंडिंग/एक्सल गर्म हो जाए तो इससे उठने वाले धुएं से भी यात्रियों के बीच डर फैलता है
आग लगने पर क्या करना चाहिए
- आग लगने पर अलार्म चेन खींच कर ट्रेन को तुरंत रोक दें
- पानी या कंबल आदि का उपयोग करके आग फैलने से पहले बुझाने का प्रयास करें
- अधिक लोग आग के बजाय धुएं के कारण दम घुटने के कारण मरते हैं, इसलिए धुएं को बाहर निकालने की कोशिश करें
- घुएं से बचने के लिए कपड़े को पानी में गीला करें और अपनी नाक ढक लें
- फर्श पर न लेटें
तुरंत करें ये काम
आग लगने पर इमरजेंसी खिड़की को खोल दें और कोच में अगर अग्निशामक यंत्र रखा है तो उसका जितनी जल्दी हो सके इस्तेमाल करें। सामान की चिंता छोड़ दें। खुद भी ट्रेन से बाहर निकलें और दूसरों को भी बाहर निकालने में मदद करें।
