दिवाली तक UPI पेमेंट पर MDR का फैसला टला, व्यापारियों को राहत, CTI ने किया स्वागत

MDR वह शुल्क है, जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारी से भुगतान सेवा से जुड़े प्रावधानों के तहत लिया जा सकता है। CTI के मुताबिक, 15 अक्टूबर से UPI के जरिए दुकानदारों को किए जाने वाले भुगतान पर 0.4 फीसदी MDR लागू होने की आशंका थी।

दिवाली से पहले व्यापारियों के लिए राहत की खबर है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI के जरिए दुकानदारों को किए जाने वाले भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का फैसला दिवाली के बाद तक टाल दिया है। NPCI की UPI एंड सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी ने 13 अक्टूबर को यह फैसला लिया। इसे लागू करने की नई तारीख अलग से घोषित की जाएगी। CTI ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे व्यापारियों की एकता की जीत बताया है।

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NPCI ने दिवाली के बाद तक टाला फैसला।

क्या है MDR, जिससे व्यापारियों को थी चिंता?

MDR वह शुल्क है, जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारी से भुगतान सेवा से जुड़े प्रावधानों के तहत लिया जा सकता है। CTI के मुताबिक, 15 अक्टूबर से UPI के जरिए दुकानदारों को किए जाने वाले भुगतान पर 0.4 फीसदी MDR लागू होने की आशंका थी। संगठन का कहना है कि दिवाली के दौरान दिल्ली में एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार होता है और इसमें करीब 80 फीसदी भुगतान UPI से होता है। ऐसे में त्योहारी सीजन के बीच अतिरिक्त शुल्क लागू होने से व्यापारियों पर वित्तीय बोझ बढ़ सकता था।

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