Can a son claim to his father's self-acquired property after death: भारत में प्रॉपर्टी पुराने टाइम से ही एक बड़ा कानूनी विवाद रहा है और आज भी देशभर के कोर्ट में प्रॉपर्टी से जुड़े करोड़ों विवाद चल रहे हैं। दरअसल, प्रॉपर्टी और प्रॉपर्टी से जुड़े नियम-कानून को लेकर आम लोगों के पास ज्यादा जानकारी नहीं होती है, जिसकी वजह से परिवार और रिश्तेदारों में प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद बढ़ जाते हैं। आज हम आपको पिता की प्रॉपर्टी पर बेटे के अधिकार के बारे में कुछ जरूरी बातें बताएंगे।
पिता की मृत्यु के बाद पिता द्वारा खरीदी गई प्रॉपर्टी पर क्या है बेटों का अधिकार
पिता की प्रॉपर्टी पर सभी बेटों का बराबर अधिकार
लोगों के मन में पिता की प्रॉपर्टी को लेकर कई तरह के सवाल रहते हैं। सबसे पहले तो आपको पिता की प्रॉपर्टी से जुड़ी कुछ जरूरी बातों को जान लेना चाहिए। पिता की प्रॉपर्टी पर जितना अधिकार बेटे का होता है, उतना ही अधिकार बेटी का भी होता है। बताते चलें कि बच्चे अपने पिता के क्लास 1 कानूनी उत्तराधिकारी होते हैं। लिहाजा, पिता की प्रॉपर्टी पर बेटे और बेटी का बराबर अधिकार होता है।
क्या कोई भाई दूसरे भाई को प्रॉपर्टी लेने से रोक सकता है
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक एक रीडर ने सवाल किया कि वसीयत लिखे बिना ही उनके पिता की मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद उनके भाई उन्हें ये कहने लगे कि पिता द्वारा खरीदी गई प्रॉपर्टी पर उसका कोई हक नहीं है। ऐसे में रीडर ये जानना चाहता था कि क्या ऐसी स्थिति में वह अपने पिता द्वारा खरीदी गई प्रॉपर्टी पर दावा ठोक सकता है?
पिता द्वारा खरीदी गई प्रॉपर्टी पर क्या कहता है कानून
रीडर का सवाल काफी अच्छा है क्योंकि इस तरह के सवाल कई लोगों के मन में रहते हैं। इस सवाल का जवाब ये है कि पिता की मृत्यु के बाद, पिता द्वारा खरीदी गई प्रॉपर्टी पर सभी भाई बराबर के हकदार हैं। हिंदू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम 2005 के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की बिना वसीयत लिखे मृत्यु हो जाती है तो ऐसी स्थिति में उनके द्वारा खरीदी गई प्रॉपर्टी पर सभी बेटों का बराबर अधिकार होता है। इतना ही नहीं, उस संपत्ति पर बेटों के अलावा उनकी मृतक की पत्नी और मां भी बराबर की हकदार होती हैं।
