इंश्योरेंस को लेकर लोगों के दिमाग में कई तरह के सवाल चलते रहते हैं। इनमें से एक है नो क्लेम बोनस (No Claim Bonus)। नो क्लेम बोनस गाड़ी का नहीं बल्कि इंश्योरेंस कराने वाली पार्टी का होता है। IRDAI की वेबसाइट के अनुसार, अगर आप नई कार खरीद रहे हैं, तो अपने नो क्लेम बोनस को ट्रांसफर कर सकते हैं। लेकिन कोई भी कभी नो क्लेम बोनस तभी ट्रांसफर कर सकता है, जब वो पॉलिसी वर्ष में कोई दावा न करे।
क्या होता है नो क्लेम बोनस?
पिछली पॉलिसी की अवधि के दौरान क्लेम नहीं फाइल करने के चलते पॉलिसी होल्डर द्वारा कमाए गए फायदे को नो क्लेम बोनस (NCB) के रूप में जाना जाता है। मौजूदा समय में ये 20 फीसदी से शुरू होता है। अगर आप पॉलिसी को रिन्यू कराते समय बीमा कंपनी को बदलते हैं, तो नो क्लेम बोनस को ट्रांसपर कर सकते हैं। हालांकि, आपको नो क्लेम बोनस का प्रूफ देना होगा। इसके लिए आप अपनी मौजूदा पॉलिसी या एक्सपायर पॉलिसी की डिटेल्स शेयर कर सकते हैं।
कैसा होता है कैलकुलेशन
पॉलिसी के पहले साल कोई भी क्लेम बोनस नहीं मिलता है। अगर आप 90 दिनों के भीतर अपना कवरेज रिन्यू कराते हैं, तो कैलकुलेशन सही तरीके से किया जाता है। अगर आप पहले साल के दौरान क्लेम नहीं करते हैं, तो आप कार इंश्योरेंस में नो क्लेम बोनस के रूप में अपनी प्रीमियम पर 20 फीसदी की छूट पा सकते हैं।
अगर आप तीन साल तक कोई क्लेम नहीं करते हैं, तो बोनस के रूप में 35 फीसदी मिलेगा। अगर कोई चार या पांच साल तक इंश्योरेंस क्लेम नहीं करता है, तो वो 40 से 45 फीसदी तक प्रीमियम पर छूट पा सकता है। लेकिन शर्त यही है कि पॉलिसी वर्ष में इश्योरेंस क्लेम नहीं होना चाहिए। तभी नो क्लेम बोनस का लाभ मिलेगा और आप इसे ट्रांसफर कर सकेंगे।
