Model Tenancy Act Explained in Hindi 2022: कोविड खत्म होने और कई जगह ऑफिस खुलने के बाद किराए के लिए मकान और फ्लैट्स की डिमांड एक बार फिर बढ़ गई है। किराएदार रखने के वक्त कई तरह की सावधानियां बरतनी बेहद जरूरी होती है। गौरतलब है कि कई मामलों में किराएदारों के कारण मकान मालिकों को काफी कुछ भुगतना पड़ता है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या किराएदारों की गलती की सजा मकान मालिक को भी मिलती है? इस कारण किराएदारों और मकान मालिक को कुछ कानून जान लेने बेहद जरूरी हैं।
Tenants
दैनिक भास्कर से बातचीत में पटियाला हाउस कोर्ट के एडवोकेट ललित वी और सुप्रीम कोर्ट के वकील शशि किरण ने बताया कि यदि किराएदार घर पर कुछ गैर कानूनी काम करता है तो पुलिस जांच के बाद केवल किराएदार पर ही कानूनी कार्रवाई करेगी। सभी के लिए केवल एक ही नियम है। यदि जरूरत पड़ी तो मकान मालिक को जांच में पूरी तरह सहयोग करना होगा। हालांकि, जांच के दौरान यदि मकान मालिक पुलिस को गुमराह करता है या फिर किराएदार के साथ मिलीभगत में शामिल है तो उस पर भी कानूनी कार्रवाई होगी।
घर खाली करने के लिए ये है कानून
साल 2021 में मॉडल टेनेंसी एक्ट 2021 लागू किया गया था। वकील के मुताबिक मॉडल टेनेंसी एक्ट 2021 की धारा 21 और 22 के मुताबिक एक किराएदार को घर से बेदखल करने के लिए रेंट कोर्ट में बेदखली के साथ-साथ प्रॉपर्टी में कब्जी की वसूली की याचिका डालनी होगी। इसके अलावा मकान मालिक और किराएदार के बीच लिखित एग्रीमेंट होना बहुत जरूरी है। इस एग्रीमेंट में एक किराएदार कब तक रहेगा, कितना उसका किराया होगा, सिक्युरिटी मनी आदि का जिक्र होना बेहद जरूरी है। इसके अलावा हर साल रेंट में कितने फीसदी वृद्ध होगी ये भी लिखना जरूरी होगा।
रेंट एग्रीमेंट में एक तय समय तक ही वैध होगा। तय अवधि बीतने के बाद यदि मकान मालिक किराएदार को आगे भी रखना चाहता है तो उसे एक बार फिर नया एग्रीमेंट बनाना होगा।
