बाइक टैक्सी पर चला सरकार का डंडा, इस राज्य में ओला-उबर-रैपिडो के लाइसेंस रद्द

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र की ई-बाइक नीति का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना था। इस योजना के जरिए सरकार चाहती थी कि अधिक से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा सके।

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में संचालित हो रही बाइक टैक्सी सेवाओं को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने ओला, उबर और रैपिडो जैसी कंपनियों को दिए गए अस्थायी लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। सोमवार को राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधान परिषद में यह जानकारी देते हुए बताया कि संबंधित कंपनियों द्वारा तय समय सीमा के भीतर जरूरी शर्तों और दस्तावेजों को पूरा नहीं किया गया, जिसके कारण यह कार्रवाई की गई है। सरकार का कहना है कि नियमों का पालन न करने की स्थिति में बाइक टैक्सी सेवाओं को जारी रखना संभव नहीं था।

सरकार का बड़ा फैसला, ओला, उबर और रैपिडो के लाइसेंस हुए रद्द

समय सीमा में पूरी नहीं हुई औपचारिकताएं

PTI/भाषा के मुताबिक परिवहन मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने बाइक टैक्सी संचालन के लिए कुछ स्पष्ट नियम और शर्तें निर्धारित की थीं। कंपनियों को अस्थायी लाइसेंस जारी करते समय निर्देश दिया गया था कि वे तय समय के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी करें। लेकिन निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी कंपनियां इन आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकीं। ऐसे में सरकार ने नियमों के अनुसार उनके अस्थायी लाइसेंस निरस्त करने का फैसला लिया।

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