Are Credit Card Cashbacks and Rewards Taxable: देशभर में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल लगातार तेजी से बढ़ रहा है। अपने शानदार फीचर्स और ऑफर्स की वजह से क्रेडिट कार्ड आम लोगों के बीच काफी खास होता जा रहा है। हालांकि, क्रेडिट कार्ड उन लोगों के लिए ज्यादा अच्छा ऑप्शन है, जिनके पासे इनकम सोर्स फिक्स है और उनका फाइनेंशियल रिकॉर्ड साफ-सुथरा है। तय समय पर क्रेडिट कार्ड की पेमेंट न होने पर बैंक आपसे जबरदस्त ब्याज वसूलते हैं। हालांकि, अगर आप अपने क्रेडिट कार्ड का रेगुलर बेसिस पर इस्तेमाल करते हैं और टाइम पर पेमेंट करते हैं तो बैंक आपको कई तरह के बेनिफिट्स देते हैं।
बैंक अपने ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड के ज्यादा इस्तेमाल के लिए प्रेरित करने के लिए कई तरह के ऑफर्स देते हैं
टाइम पर पेमेंट करने वाले ग्राहकों को कई ऑफर्स देती हैं क्रेडिट कार्ड कंपनियां
डिसिप्लीन्ड कस्टमर के लिए बैंक न सिर्फ उनका क्रेडिट लिमिट बढ़ाते हैं बल्कि उन्हें शानदार कैशबैक, रिवॉर्ड पॉइन्ट्स और फ्री मेंबरशिप जैसे ऑफर्स देते हैं। लेकिन क्या आपको मालूम है कि क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले रिवॉर्ड्स भी इनकम टैक्स के नियमों के तहत टैक्स के दायरे में आते हैं।
क्या क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले कैशबैक और रिवॉर्ड्स पर टैक्स लगता है
IndiaP2P की सीईओ नेहा जुनेजा ने ईटी नाउ के साथ बातचीत करते हुए बताया कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन्स पर मिलने वाले रिवॉर्ड्स को Income from other Sources यानी 'अन्य स्त्रोतों से आय' के रूप में मानता है, जो टैक्स के दायरे में आता है।
क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले कैशबैक और रिवॉर्ड्स पर क्या है टैक्स का नियम
नेहा ने बताया कि क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड्स पर तभी टैक्स लगता है, जब किसी ग्राहक को एक साल में 50 हजार रुपये से ज्यादा के कैशबैक और रिवॉर्ड्स मिलते हैं। बताते चलें कि क्रेडिट कार्ड कंपनियां एक वित्त वर्ष में 5 हजार रुपये से ऊपर के रिवॉर्ड्स और कैशबैक पर क्रेडिट कार्ड कंपनियां भी 10 पर्सेंट टीडीएस काटती हैं। बताते चलें कि क्रेडिट कार्ड से खरीदारी पर मिलने वाली छूट टैक्स के दायरे में नहीं आता है। ये पूरी तरह से अलग है।
