Income tax on online gaming in IPL: इस समय IPL अपने पूरे शबाब पर है। और इस दौर में ऑनलाइन गेमिंग का भी बाजार गरम है। हर रोज आपको सौरभ गांगुली, विराट कोहली से लेकर दूसरे सेलेब्स के ऐसे ऐड मिल जाएंगे, जिसमें इस बात का दावा किया जाता है कि इस शख्स ने ऑनलाइन गेमिंग के जरिए करोड़ों का जैकपॉट जीत लिया है। अब कितने लोग करोड़पति बनते हैं और कितने मन मसोस के रह जाते हैं। यह तो अलग हकीकत है। लेकिन एक बात तय है कि अगर आप इस तरह के गेमिंग ऐप से कमाई कर रहे हैं, तो सरकार की नजर में हैं। खास तौर से ऑनलाइन गेमिंग को लेकर एक अप्रैल 2023 से नया नियम कई सारे शिकंजे लेकर आया है।
कमाई पर 30 फीसदी कटेगा इनकम टैक्स
13 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड
ऑनलाइन गेमिंग फेडरेशन के आंकड़ों के अनुसार देश में इस समय 150 के करीब फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म हैं। और उन पर करीब 13 करोड़ लोग रजिस्टर्ड हैं। यानी इन लोगों ने निश्चित तौर पर कभी न कभी इन प्लेटफॉर्म का यूज किया होगा। ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म इस समय तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, सिक्किम और असम को छोड़कर पूरे देश में खेला जा सकता है। इस तरह के फैंटेसी गेमिंग प्लेटफॉर्म इन छह राज्यों में प्रतिबंधित हैं।
प्लेइंग 11 के नाम करोड़ों की ईनाम का लालच
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इन प्लेटफॉर्म से मात्र 10 रुपये के पेमेंट से जुड़ा जा सकता है। और यूजर को अपनी टीम-11 बनाना होता है। और इसके जरिए 60 करोड़ रुपये तक के ईनाम जीते जा सकते हैं। और साल 2021 में भारतीयों ने करीब 7200 करोड़ रुपये दांव पर लगाए थे। हालांकि ज्यादातर लोग करोड़ों की राशि नहीं जीत पाते हैं। लेकिन इसको जीतने की उम्मीद उन्हें इससे जोड़े रखती हैं।
कितना देना होगा टैक्स
सरकार द्वारा ऑनलाइन गेमिंग को लेकर जारी नए नियमों में KYC जरूरी कर दिया गया है, कहने का मतलब अब ऑनलाइन गैंबलिंग या कहें तो गेम खिलाने वाली कंपनी को यूजर्स का KYC करना होगा। और इससे होनी कमाई को इनकम टैक्स विभाग अन्य मद से होने वाली कमाई (Income from other sources)मानता है। यानी इस पर जो भी कमाई होगी उस पर 30 फीसदी टैक्स लगेगा। अगर कोई व्यक्ति एक लाख रुपये जीतता है तो उसे 30 हजार रुपये टैक्स में चुकाने होंगे।
