अमेरिका की दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनी IBM ने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्रालय के साथ सेमीकंडक्टर, कृत्रिम मेधा (AI) और क्वॉन्टम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में बुधवार को तीन समझौते किए। यह कदम इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि भारत अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए निर्णायक कदम उठा रहा है। कंपनी ने मंत्रालय के साथ सेमीकंडक्टर, कृत्रिम मेधा (AI) और क्वॉन्टम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में सहमति ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
भविष्य की तकनीक का आकार
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ये प्रौद्योगिकियां भविष्य की तकनीक का आकार तय करेंगी। इनके जरिए अकादमिक, स्टार्टअप और नवोन्मेषी पारिस्थितिकी तंत्र में काफी अवसर उपलब्ध होंगे। इस साल की शुरुआत में आईबीएम ने व्यक्तियों को उभरती प्रौद्योगिकी के लिए तैयार करने के लिए अनुरूप कोर्स प्रदान करने के लिए भारत सरकार के साथ आठ अन्य समझौतों की घोषणा की थी।
एजेंसियों के साथ समझौता
27 सितंबर को शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालयों की एजेंसियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर की अध्यक्षता की। आईबीएम के अनुसार, एमओयू के तहत तैयार किए गए पाठ्यक्रम किशोरों को आज के डिजिटल वर्कफोर्स में सफल होने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करने में महत्वपूर्ण होंगे।
मल्टीनेशनल टेक्नोलॉजी कंपनी
इंटरनेशनल बिजनेस मशीन्स कॉरपोरेशन (IBM) एक अमेरिकी मल्टीनेशनल टेक्नोलॉजी कंपनी है। इसका हेडक्वार्टर न्यूयॉर्क में है और इसका कारोबार दुनिया के 175 देशों में फैला है। कंपनी के पास कंप्यूटर हार्डवेयर, मिडलवेयर और सॉफ्टवेयर में एक्सपर्टीज है और मेनफ्रेम कंप्यूटर से लेकर नैनोटेक्नोलॉजी तक के क्षेत्रों में होस्टिंग और कंसल्टिंग सर्विस प्रदान करती है।
