How to Identify Real and Fake Websites: आम लोगों की जिंदगी को आसान बनाने के लिए जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी अपडेट हो रही है, वैसे-वैसे साइबर फ्रॉड के तरीके भी अपग्रेड होते जा रहे हैं। दिग्गज कंपनियों की फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को ठगने के मामलों ने आम लोगों की नींद उड़ा दी है। बताते चलें कि यूपी पुलिस ने अभी कुछ दिन पहले ही एक गैंग के 6 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनपर फर्जी शॉपिंग साइट बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप लगा है। आज हम यहां आपको असली और नकली वेबसाइट की पहचान के बारे में बहुत जरूरी बातें बताएंगे।
How to Identify Real and Fake Websites: साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए ऑनलाइन शॉपिंग के वक्त सावधान रहने की जरूरत है
जरूर चेक करें यूआरएल की स्पेलिंग
किसी भी वेबसाइट पर जाने से पहले उसके यूआरएल में स्पेलिंग चेक कर लें। अगर किसी वेबसाइट पर यूआरएल में स्पेलिंग गलत है तो भूलकर भी उस वेबसाइट पर न जाएं।
नकली वेबसाइट पर नहीं मिलेंगी ये जानकारियां
नकली वेबसाइट देखने में बिल्कुल असली वेबसाइट जैसी हो सकती है। लेकिन नकली वेबसाइट पर कंपनी से जुड़ी जरूरी जानकारियां जैसे- प्रोडक्ट रिव्यू, कॉन्टेक्ट डिटेल्स, ऑफिस एड्रेस, अबाउट अस, रिटर्न पॉलिसी आदि नहीं मिलेंगी।
शक हो तो बिना देर किए तुरंत बंद कर दें वेबसाइट
अगर आपको किसी वेबसाइट पर शक हो तो सबसे पहले उसके कॉन्टेंट, गूगल पर लिस्टिंग, पॉलिसी जैसी जरूरी चीजें देख लें. अगर किसी वेबसाइट पर ये चीजें उपलब्ध नहीं है तो उस वेबसाइट से तुरंत बाहर आ जाएं।
ज्यादा डिस्काउंट के चक्कर में लुट सकती है कमाई
अगर किसी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर आपको उम्मीद से ज्यादा डिस्काउंट मिले तो सतर्क हो जाएं और वेबसाइट की अच्छी तरह से जांच कर लें। आमतौर पर ज्यादातर लोग ज्यादा डिस्काउंट के चक्कर में भी साइबर फ्रॉड का शिकार होते हैं।
नकली वेबसाइट की ओर इशारा करती हैं ये बातें
अगर किसी वेबसाइट पर किसी सामान की आधी-अधूरी जानकारी दी गई हो तो समझ जाएं कि वेबसाइट नकली है। इसके अलावा अगर किसी वेबसाइट पर आपको स्पेलिंग या व्याकरण में गलती मिले तो इस स्थिति में भी वह वेबसाइट नकली हो सकती है।
