कहीं आपने तो नहीं खरीद लिया नकली मोबाइल फोन, ये निशान बता देगा हकीकत

CRS Mark on Mobile Phones: जैसे-जैसे साइंस एंड टेक्नोलॉजी विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे लोगों के जीवन में ठगी और धोखे का जोखिम भी बढ़ता जा रहा है। हैरानी की बात ये है कि ठगी में लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का ही इस्तेमाल भी किया जा रहा है। ऐसे में एक उपभोक्ता के रूप में हमें खुद तैयार और सावधान रहना चाहिए।

KEY HIGHLIGHTS
  • भारतीय मानक के हिसाब से मोबाइल फोन पर CRS Mark होना अनिवार्य
  • भरोसेमंद और असली प्रोडक्ट की गारंटी देता है CRS Mark
  • CRS Mark में गड़बड़ी करके भी हो सकती है धोखेबाजी

CRS Mark on Mobile Phones: टेक्नोलॉजी और डिजिटल वर्ल्ड के इस दौर में बच्चों से लेकर जवान तक और जवान से लेकर बुजुर्ग तक, सभी सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं। इसके अलावा, बीते कुछ समय से गेम्स की दुनिया में भी काफी बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। गेम्स का वर्चस्व तो इसी बात से समझा जा सकता है कि मार्केट में अब गेम्स डेडिकेटेड मोबाइल फोन्स और कंप्यूटर्स बड़े लेवल पर खरीदे जा रहे हैं। हालांकि, भारत में कंप्यूटर की तुलना में मोबाइल फोन की बिक्री कई गुना ज्यादा है।

iPhone, iPhone 14, BIS, Fake Mobile Phone, CRS Mark

आज के अपग्रेडेड ठग, टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल कर आसानी से किसी को भी ठग सकते हैं, इसलिए खुद से सतर्क रहना बहुत जरूरी हो गया है।

लापरवाही की तो धोखा खा सकते हैं आप

ऑनलाइन शॉपिंग के जमाने में आजकल ज्यादातर लोग ई-कॉमर्स वेबसाइट से ही मोबाइल फोन ऑर्डर कर देते हैं। हालांकि, दुकानों से भी काफी मोबाइल फोन खरीदे जाते हैं। आपने ऐसे तो कई मामले देखे और सुने होंगे जिनमें ई-कॉमर्स कंपनियां ग्राहक को हजारों रुपये के मोबाइल फोन के बजाय डिब्बे में साबुन पैक करके डिलीवर कर देते हैं। लेकिन, मोबाइल फोन की जगह साबुन आना ही धोखा नहीं है। अगर आप मोबाइल फोन के डिब्बे में मोबाइल फोन ही मिलता है तो ऐसी स्थिति में भी आप धोखा खा सकते हैं।

End of Feed