दूध हमारी रोजमर्रा की डाइट का अहम हिस्सा है। खासकर बच्चों की सेहत, हड्डियों और शारीरिक विकास के लिए दूध को जरूरी माना जाता है। लेकिन अब यह बहुत बड़ा सवाल बन चुका है कि क्या जो दूध हम रोज इस्तेमाल कर रहे हैं, वह सच में शुद्ध है? दूध में मिलावट एक बड़ी समस्या बन चुकी है। कई बार इसमें पानी, स्टार्च, डिटर्जेंट, और दूसरे रसायन मिलाए जाते हैं, जिससे दूध की गुणवत्ता खराब हो जाती है। ऐसी मिलावट लंबे समय तक सेहत पर बुरा असर डाल सकती है।
दूध हर एक घर की बेसिक जरूर है। खराब क्वालिटी का दूध बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकता है। इसलिए दूध की शुद्धता को लेकर थोड़ी सावधानी बरतना जरूरी है। कुछ आसान घरेलू तरीकों से आप दूध में संभावित मिलावट का अंदाजा लगा सकते हैं।
पानी की मिलावट की जांच
दूध में पानी मिलाना सबसे आम मिलावट है। इससे दूध का गाढ़ापन और पोषण कम हो जाता है। आप कुछ आसान स्टेप्स को फॉलो करके दूध में पानी की मिलावट का पता लगा सकते हैं। इसके लिए एक चिकनी और थोड़ी ढलान वाली सतह, जैसे कांच या टाइल पर दूध की एक बूंद डालें।जांच में क्या देखें? अगर दूध धीरे-धीरे बहता है और पीछे सफेद निशान छोड़ता है, तो उसमें दूध के प्राकृतिक गुण मौजूद हैं, मतलब दूध में पानी की मिलावट एकदम न के बराबर है। अगर दूध बहुत तेजी से बह जाए और कोई निशान न छोड़े, तो उसमें पानी की मात्रा ज्यादा हो सकती है।
स्टार्च (मांड) की मिलावट की जांच
दूध में सिर्फ पानी की मिलावट नहीं होती। दूध को गाढ़ा बनाने के लिए कई बार लोग इसमें स्टार्च मिला देते हैं। स्टार्ज को ज्यादातर चावल या फिर मक्के से तैयार किया जाता है। इसके मिलाने से दूध का वजन बढ़ जाता है।कैसे जांच करें: दूध में स्टार्च की मिलावट है या नहीं इसकी जांच के लिए आपको थोड़े से दूध में आयोडीन सॉल्यूशन की कुछ बूंदे मिलाने होंगी। इसके बाद अगर दूध का रंग नीला पड़ जाता है तो इसका मतलब है कि उसमें स्टार्च की मिलावट है। अगर रंग में किसी तरह का बदलाव नहीं होता है तो मतलब कोई मिलावट नहीं है।
डिटर्जेंट की मिलावट की जांच
कुछ लोग दूध में झाग और सफेदी बढ़ाने के लिए डिटर्जेंट जैसी चीजों की मिलावट कर सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है। अगर आपको इस बात की थोड़ी भी संभावना लगती है तो आपको तुरंत इसकी जांच करनी चाहिए।कैसे जांच करें: दूध में डिटर्जेंट की जांच करने के लिए एक गिलास में थोड़ा दूध लें और उसमें उतनी ही मात्रा में पानी मिलाकर अच्छी तरह हिलाएं। अगर झाग जल्दी खत्म हो जाता है, तो यह सामान्य हो सकता है। अगर लंबे समय तक मोटा और साबुन जैसा झाग बना रहे, तो दूध में डिटर्जेंट की मिलावट का शक हो सकता है।
सिंथेटिक दूध की पहचान
सिंथेटिक दूध बनाने के लिए कई तरह के रसायनों का इस्तेमाल किया जा सकता है। आप थोड़ी सहूलियत बरतकर इसकी भी पहचान कर सकते हैं। आप इसकी पहचान गंध से लगा सकते हैं। इसके लिए आपको दूध को थोड़ा गर्म करना होगा। सामान्य दूध में हल्की प्राकृतिक खुशबू होती है, जबकि सिंथेटिक दूध में साबुन या केमिकल जैसी गंध आ सकती है।स्वाद से पहचान: अगर दूध का स्वाद अजीब, कड़वा या साबुन जैसा महसूस हो, तो सावधानी बरतें। कुछ सिंथेटिक दूध गर्म करने पर जरूरत से ज्यादा गाढ़े हो सकते हैं या उनके रंग में बदलाव आ सकता है।
