Go First Cancelled Flights: एयरलाइन गो फर्स्ट ने दिवालिया होने के लिए अर्जी दी है। कंपनी के सामने कैश फ्लो का भारी संकट है। ऐसे में कंपनी ने वेबसाइट पर, जानकारी दी है कि गो फर्स्ट की उड़ानें 3, 4 और 5 मई को रद्द रहेंगी। यदि आपने इस प्लाइट्स की टिकट बुक की है तो हम यहां पर टिकट में खर्च हुए पैसे रिफंड कैसे मिलेगा या टिकट की डेट को क्या रिशेड्यूल या ट्रांसफर किया जा सकता है, उसके बारे में बता रहे हैं।
Go First Cancelled Flights: गो फर्स्ट की उड़ानें 3, 4 और 5 मई को रद्द रहेंगी।
इस मोड पर मिलेगा पेमेंट
एयरलाइन के मुताबिक जिन पैसेंजर्स ने इन डेट पर फ्लाइट्स बुक की हैं, उनके पूरे पैसे वापस मिल जाएंगे। और जल्द ही पेमेंट किए गए ओरिजनल मोड में रिफंड किया जाएगा। एयरलाइन ने अपनी वेबसाइट पर घोषणा की, हम स्वीकार करते हैं कि उड़ान रद्द होने से आपकी यात्रा की योजना बाधित हो सकती है और हम हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
यहां मिलेगी पूरी जानकारी
इसके अलावा, एयरलाइन ने वेबसाइट https://www.flygofirst.com/ पर एक विस्तृत FAQ प्रदान किया है। जिसमें रद्द की गई उड़ानों के लिए ग्राहक रिफंड का दावा कैसे कर सकते हैं की जानकारी दी गई है। एयरलाइन के मुताबिक जिन ग्राहकों ने ऑनलाइन ट्रैवल एग्रीगेटर्स के जरिए बुकिंग की है, उन्हें भी सोर्स अकाउंट में रिफंड मिलेगा। हालांकि, अगर रिफंड जारी नहीं किया जाता है, तो ग्राहक अधिक जानकारी के लिए ऑनलाइन ट्रैवल एग्रीगेटर से भी संपर्क कर सकते हैं।
क्या गो फर्स्ट टिकटों को रिशेड्यूल या ट्रांसफर कर सकते हैं?
एयरलाइन ने कहा है कि वह टिकटों को रीशेड्यूल/ट्रांसफर नहीं कर पाएगी। कंपनी ने कहा कि सीट्स बुक होने की वजह से टिकटों को भविष्य की तारीख में रिशेड्यूल नहीं किया जा सकेगा।
गो फर्स्ट के दिवालिया होने की वजह
गो फर्स्ट ने अपने लगभग आधे बेड़े के ग्राउंडिंग के लिए प्रैट एंड व्हिटनी इंजन को दोषी ठहराया। अपनी दिवाला फाइलिंग में गो फर्स्ट ने कहा कि प्रैट एंड व्हिटनी के इंटरनेशनल एयरो इंजन द्वारा आपूर्ति किए गए फेल हुए इंजनों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण उसे यह कदम उठाना पड़ा, जिससे गो फर्स्ट को 1 मई 2023 तक 25 विमान ((लगभग इसके एयरबस A320neo विमान बेड़े का 50% के बराबर) ग्राउंड करने पड़े। प्रैट एंड व्हिटनी के खराब इंजनों के कारण ग्राउंडेड विमानों का प्रतिशत दिसंबर 2019 में 7% से बढ़कर दिसंबर 2020 में 31% से बढ़कर दिसंबर 2022 में 50% हो गया है।
