FD Interest Rates: छोटे फाइनेंस बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट पर ज्यादा ब्याज क्यों देते हैं? जानिए कौन बैंक दे रहा है कितना

FD Interest Rates: भारत में छोटे फाइनेंस बैंकों (SFBs) फिक्स्ड डिपॉजिट पर ज्यादा ज्यादा ब्याज दे रहे हैं। यहां जानिए आखिर एफडी पर अधिक ब्याज क्यों दे रहे हैं। साथ ही जानिए कौन बैंक कितना दे रहा है।

FD Interest Rates : फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) दशकों से निवेश के सबसे सुरक्षित विकल्पों में गिनी जाती है। इसमें आप 7 दिन से लेकर 10 साल तक की अवधि चुन सकते हैं। इस दौरान आपकी जमा राशि FD में रहती है और उस पर ब्याज मिलता है। तय समय के बाद आपको मूलधन के साथ ब्याज भी मिल जाता है। एफडी पर मिलने वाली ब्याज दरें रेपो रेट में बदलाव के अनुसार घट-बढ़ सकती हैं। हाल ही में रेपो रेट में कटौती के बाद एफडी की ब्याज दरों में गिरावट की संभावना है। ऐसे में जमाकर्ताओं के सामने सवाल है कि वे अपनी बचत पर बेहतर रिटर्न कैसे पाएं? इसका एक अच्छा जवाब है – छोटे फाइनेंस बैंक।

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एफडी पर ब्याज दर कितना

FD Interest Rates : छोटे फाइनेंस बैंक ज्यादा ब्याज क्यों देते हैं?

भारत में छोटे फाइनेंस बैंकों (SFBs) की शुरुआत उन लोगों को बैंकिंग सेवाएं देने के लिए हुई जिनकी पहुंच मुख्यधारा के बैंकों तक नहीं थी। इन बैंकों के संचालन खर्च आमतौर पर बड़े बैंकों से ज्यादा होते हैं। अपनी जमा राशि बढ़ाने और ज्यादा ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए ये बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट पर ज्यादा ब्याज दरें देते हैं। जब बड़े बैंक एफडी पर कम ब्याज दे रहे होते हैं, तब ये छोटे बैंक बेहतर रेट्स देकर ग्राहकों का ध्यान खींचते हैं।

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