गर्मियों का मौसम आते ही घरों में पंखे और कूलर दिन-रात चलने लगते हैं। ऐसे में बिजली का बिल बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन अक्सर लोगों के मन में एक बड़ा सवाल घूमता है- "क्या पंखा या कूलर की स्पीड बढ़ाने से बिजली का बिल ज्यादा आता है?"
फैन की स्पीड बढ़ने से बिजली बिल में बहुत अधिक फर्क नहीं पड़ता। (फोटो क्रेडिट-iStock)
कुछ लोगों का मानना है कि स्पीड 1 पर रखो तो बिल कम आएगा और 5 पर रखो तो बिल ज्यादा आएगा। वहीं कुछ लोग इसे महज एक अफवाह मानते हैं। आइए विज्ञान और तकनीक के नजरिए से समझते हैं कि इस बात में कितनी सच्चाई है।
पंखे की स्पीड और बिजली का बिल: रेगुलेटर का खेल
पंखे का बिजली का बिल इस बात पर निर्भर नहीं करता कि पंखा कितनी स्पीड पर चल रहा है, बल्कि इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस तरह के रेगुलेटर (Regulator) का इस्तेमाल कर रहे हैं।
पुराने जमाने के रेगुलेटर (प्रतिरोधक या रेजिस्टेंस रेगुलेटर): ये आकार में बड़े और भारी होते थे। यदि आप पंखे को स्पीड 1 या 2 पर चलाते थे, तो यह रेगुलेटर अतिरिक्त बिजली को गर्मी (Heat) के रूप में बर्बाद कर देता था। यानी, पंखा धीमा चले या तेज, बिजली उतनी ही खर्च होती थी। इसलिए, पुराने रेगुलेटर में स्पीड कम करने से बिल कम नहीं होता था।
आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक रेगुलेटर (Electronic Regulator): आजकल के घरों में छोटे और प्लास्टिक के रेगुलेटर होते हैं। ये कैपेसिटर (Capacitor) तकनीक पर काम करते हैं। जब आप स्पीड कम करते हैं, तो यह रेगुलेटर पंखे को जाने वाली बिजली की सप्लाई को ही कम कर देता है। नतीजतन, कम स्पीड पर बिजली का बिल कम आता है और फुल स्पीड पर चलाने पर बिल ज्यादा आता है।
एयर कूलर की स्पीड और बिजली का बिल
कूलर के मामले में कहानी पंखे से थोड़ी अलग और बड़ी है। कूलर में दो मुख्य चीजें बिजली खाती हैं:
पानी का पंप (Water Pump): यह आमतौर पर 18 से 40 वाट का होता है और इसकी बिजली खपत हमेशा एक समान रहती है, चाहे कूलर की स्पीड जो भी हो।
कूलर का फैन/ब्लोअर (Fan Motor): यह मुख्य मोटर होती है जिसमें बड़े एग्जॉस्ट फैन लगे होते हैं जिससे हमें तेज रफ्तार के साथ हवा मिलती है।
कूलर की मोटर की स्पीड को कंट्रोल करने के लिए उसमें एक स्विच या रेगुलेटर दिया होता है। जब आप कूलर को 'High' स्पीड पर चलाते हैं, तो मोटर पूरी ताकत से चलती है और ज्यादा बिजली (Watts) खींचती है। जब आप इसे 'Low' या 'Medium' पर चलाते हैं, तो मोटर पर लोड कम होता है और वह कम बिजली की खपत करती है।
चूंकि कूलर की मोटर पंखे के मुकाबले काफी बड़ी (150 से 500 वाट तक) होती है, इसलिए कूलर की स्पीड कम या ज्यादा करने का असर आपके बिजली के बिल पर साफ तौर पर नजर आता है। फुल स्पीड पर कूलर चलाने से बिल निश्चित रूप से ज्यादा आएगा।
बिजली का बिल बचाने के लिए काम के टिप्स
अगर आप गर्मियों में ठंडी हवा भी चाहते हैं और भारी-भरकम बिजली बिल से बचना चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें-
BLDC पंखों का इस्तेमाल करें: पुराने पंखों को हटाकर नए BLDC (Brushless DC) मोटर वाले पंखे लगाएं। ये आम पंखों के मुकाबले 50 से 65% तक बिजली बचाते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक रेगुलेटर बदलें: अगर घर में अभी भी पुराना खटका या भारी रेगुलेटर है, तो उसे तुरंत हटाकर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक रेगुलेटर लगाएं।
कूलर के लिए सही वेंटिलेशन: कूलर को हमेशा खुली खिड़की या दरवाजे के पास रखें ताकि कमरे में उमस (Humidity) न बढ़े। उमस बढ़ने पर कूलर ठंडा करना बंद कर देता है और लोग बिना वजह उसकी स्पीड बढ़ाते हैं।
समय पर सर्विसिंग: पंखे और कूलर की मोटर में समय-समय पर तेल (Oiling) डालते रहें। अगर मोटर जाम होगी, तो वह घूमने के लिए ज्यादा बिजली खींचेगी, जिससे बिल बढ़ेगा।
