Diwali Special Trains: दिवाल-छठ को लेकर रेलवे ने 6,200 से अधिक स्पेशल ट्रेन फेरे चलाने की घोषणा की है। हालांकि, इसके बावजूद वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या, बिहार और पश्चिम बंगाल जाने वाले यात्रियों को कन्फर्म सीट नहीं मिल पा रहा है। आलम यह है कि पटना के लिए चलाए गए वंदे भारत स्पेशल ट्रेन में भी कन्फर्म टिकट नहीं है, जबकि ट्रेन का किराया प्रति यात्री 2600 रुपये है। यह किराया स्लीपर नहीं, चेयर कार (केवल बैठने की व्यवस्था) का है। यह समान्य ट्रेन टिकट से काफी अधिक है।
ट्रेन में कन्फर्म टिकट नहीं
रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों से यात्रा करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई विशेष ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट है, जबकि कुछ तारीखों के लिए तो टिकट उपलब्ध ही नहीं हैं।
नियमित ट्रेनों की तुलना में अधिक किराया
त्योहारी सीजन में नियमित ट्रेनों पर दबाव कम करने के लिए, नॉर्दर्न रेलवे ने 6,200 से अधिक स्पेशल ट्रेनों के फेरे चलाने की योजना बनाई है, लेकिन इनका किराया काफी ज्यादा है। उदाहरण के लिए, मुरादाबाद से पटना के लिए नियमित ट्रेन में थर्ड AC का किराया 1,215 रुपये है, जबकि स्पेशल ट्रेन में यही किराया 1,545 रुपये है। 'जागरण' की रिपोर्ट के अनुसार, मुरादाबाद से स्लीपर क्लास का किराया 455 रुपये है, जबकि स्पेशल ट्रेन में यह 545 रुपये है।
मुरादाबाद से वाराणसी जाने के लिए, कुंभ एक्सप्रेस के थर्ड AC का किराया 1,155 रुपये, अमृतसर-हावड़ा मेल का 985 रुपये, देहरादून-वाराणसी एक्सप्रेस का 1,000 रुपये और बेगमपुरा एक्सप्रेस का 1,015 रुपये है। दिल्ली-वाराणसी स्पेशल और फिरोजपुर कैंट-पटना स्पेशल के थर्ड AC का किराया 1,270 रुपये है। स्पेशल ट्रेनों में इतना अधिक किराया होने के बावजूद, इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि यात्रियों को कन्फर्म सीट मिल ही जाएगी।
बिहार जाना सबसे अधिक मुश्किल
दिवाली के बाद पूरे देश से बड़ी संख्या में बिहारी अपने गांव लौटते हैं। इसलिए सबसे अधिक संकट बिहार जाने वाल ट्रेनों में है। छठ पूजा के दौरान, 9 से 12 नवंबर के बीच बिहार जाने वाली ट्रेनों में सीटों की मांग काफी बढ़ गई है। मौर्य एक्सप्रेस, हटिया-इस्लामपुर एक्सप्रेस और पाटलिपुत्र एक्सप्रेस में अलग-अलग क्लास के लिए लंबी वेटिंग लिस्ट है, जबकि कुछ तारीखों पर तो टिकट उपलब्ध ही नहीं हैं।
