Credit Card Late Payment Fees: क्रेडिट कार्ड यूजर्स को झटका देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने लेट पेमेंट फीस से 30% की लिमिट हटा दी है। इस फैसले के साथ सुप्रीम कोर्ट ने 16 साल पुराने नेशन कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन () के फैसले को रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब बैंक लेट पेमेंट फीस के रूप में क्रेडिट कार्ड यूजर्स से 30-50% जितना ब्याज वसूल कर सकेंगे। 2008 में NCDRC ने महत्त्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए क्रेडिट कार्ड लेट पेमेंट पर 30% की फीस की लिमिट तय की थी।
क्रेडिट कार्ड लेट पेमेंट पर देने होंगे ज्यादा पैसे
NCDRC ने बताया था गलत
2008 में NCDRC ने क्रेडिट कार्ड की लेट पेमेंट फीस पर 30% से ज्यादा ब्याज वसूले जाने को गलत ट्रेड प्रैक्टिस बताया था। इसके बाद लेट पेमेंट फीस के रूप में NCDRC ने 30% ब्याज की लिमिट तय कर दी थी। इसके बाद स्टैण्डर्ड चार्टर्ड बैंक, सिटीबैंक, अमेरिकन एक्सप्रेस और शंघाई बैंक जैसी संस्थाओं से सुप्रीम कोर्ट में NCDRC के फैसले का विरोध करते हुए अपील दर्ज करवाई थी। इसी अपील की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने क्रेडिट कार्ड लेट पेमेंट फीस से 30% ब्याज की लिमिट हटा दी है।
इन ग्राहकों पर पड़ेगा असर
जस्टिस बेला त्रिवेदी और जस्टिस सतीश चंद शर्मा की अगुवाई वाली बेंच ने फैसला सुनाते हुए NCDRC के 16 साल पुराने फैसले को रद्द कर दिया। ऐसे सभी ग्राहक जो जाने-अनजाने में क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट में देरी करते हैं, इस फैसले से प्रमुख रूप से प्रभावित होंगे। लेट पेमेंट फीस के रूप में अब बैंक 36-50% सालाना जितना चार्ज भी लगा सकते हैं। इसीलिए जरूरी है कि अब आप समय से अपने क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान करें।
