PF Account: कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद सुरक्षित वित्तीय भविष्य मिल सके इसी उद्देश्य के साथ सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) की शुरुआत की थी। हर महीने कर्मचारी की कमाई से एक निश्चित PF अकाउंट में जमा की जाती है। लेकिन पिछले कुछ समय के दौरान PF खातों में सेंधमारी और धोखाधड़ी के बहुत से मामले सामने आये जिसके बाद EPFO ने PF अकाउंट से संबंधित नियमों में जरूरी बदलाव किये हैं ताकि PF खातों को अधिक सुरक्षा प्रदान की जा सके। अब हाल ही में EPFO ने पहचान संबंधित जानकारी अपडेट करने के नियमों में जरूरी बदलाव किये हैं।
EPFO ने बदले नियम, PF अकाउंट का पैसा होगा और सुरक्षित
जारी किया नया सर्कुलर
EPFO ने नया सर्कुलर जारी करते हुए कहा है कि PF अकाउंट में अपनी पर्सनल जानकारी जैसे नाम, माता-पिता का नाम, घर का पता आदि बदलने के लिए अब जॉइंट डिक्लेरेशन को पूरा करना होगा। नए नियमों के अनुसार अब अगर आपको अपने PF अकाउंट में मौजूद अपनी पर्सनल जानकारी को अपडेट करना है तो आपको पहले अपनी कंपनी को सूचना देने होगी जिसके बाद कंपनी आपकी रिक्वेस्ट को वेरीफाई करके जॉइंट डिक्लेरेशन को पूरा करेगी और उसके बाद ही आप अपनी प्रोफाइल में कुछ बदलाव कर पाएंगे।
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डॉक्यूमेंट की जरूरत
इसके साथ ही EPFO ने सर्कुलर में अपने क्षेत्रीय ऑफिस को आदेश देते हुए कहा है कि पर्सनल जानकारी में बदलाव के सभी दावों की जांच अच्छी तरह से की जाए ताकि गलत पहचान बताकर धोखाधड़ी को अंजाम न दिया जा सके। इतना ही नहीं, EPFO ने जानकारी अपडेट करने के लिए डॉक्यूमेंट को भी आवश्यक कर दिया है। पर्सनल जानकारी में बदलाव को EPFO ने दो केटेगरी, माइनर और मेजर में बांट दिया है। माइनर कैटेगरी के बदलाव के लिए कम से कम 2 डॉक्यूमेंट और मेजर कैटेगरी के बदलाव के लिए 3 डॉक्यूमेंट जमा करने होंगे।
