देश के कई शहरों में प्रदूषण बढ़ने के साथ हवा की क्वालिटी भी खराब हो रही है। ऐसे में घर के अंदर साफ हवा में सांस लेना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है। बाहर की धूल, धुआं और हवा में मौजूद छोटे-छोटे प्रदूषण कण घर के अंदर तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में कई लोग अपने घर के लिए एयर प्यूरीफायर खरीदने के बारे में सोच रहे हैं। लेकिन बाजार में अलग-अलग कंपनियों के कई एयर प्यूरीफायर मौजूद हैं। किसी में HEPA फिल्टर मिलता है, तो किसी में एक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर और कई तरह के स्मार्ट फीचर्स दिए जाते हैं। ऐसे में सही एयर प्यूरीफायर चुनना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।
बाजार में आपको कई तरह के एयर प्यूरीफायर देखने को मिल जाएंगे।
अगर आप भी प्रदूषण से बचने के लिए एयर प्यूरीफायर खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो सिर्फ कीमत और ब्रांड देखकर फैसला न लें। खरीदने से पहले इन 3 जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
कमरे के साइज के हिसाब से चुनें एयर प्यूरीफायर
एयर प्यूरीफायर खरीदते समय सबसे पहले यह देखें कि वह कितने बड़े कमरे के लिए बनाया गया है। हर एयर प्यूरीफायर की हवा साफ करने की क्षमता अलग होती है। अगर आपका कमरा बड़ा है और आपने कम क्षमता वाला प्यूरीफायर खरीद लिया, तो वह कमरे की हवा को उतनी तेजी से साफ नहीं कर पाएगा, जितनी आपको जरूरत है।
इसलिए खरीदने से पहले अपने कमरे का साइज जरूर चेक करें। इसके साथ ही एयर प्यूरीफायर की CADR यानी Clean Air Delivery Rate रेटिंग देखें। यह बताती है कि डिवाइस कितनी तेजी से साफ हवा उपलब्ध करा सकता है।
बड़े कमरे के लिए ज्यादा CADR वाला मॉडल बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं, छोटे कमरे के लिए कम क्षमता वाला मॉडल भी पर्याप्त हो सकता है। ध्यान रखें कि कंपनी द्वारा बताई गई कवरेज के साथ-साथ कमरे में हवा की जरूरत और प्रदूषण का स्तर भी मायने रखता है।
HEPA फिल्टर और एक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर पर दें ध्यान
एयर प्यूरीफायर खरीदते समय उसका फिल्टर सबसे अहम चीजों में से एक है। प्रदूषण से बचने के लिए ऐसा मॉडल चुनें, जिसमें अच्छी क्वालिटी का HEPA फिल्टर लगा हो। यह हवा में मौजूद धूल, परागकण और PM2.5 जैसे छोटे कणों को हटाने में मदद करता है।
इसके अलावा, अगर आपके आसपास गाड़ियों का धुआं, खाना पकाने की गंध या दूसरी तरह की बदबू ज्यादा रहती है, तो एक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर वाला एयर प्यूरीफायर भी उपयोगी हो सकता है। यह कुछ गैसों और गंध को कम करने में मदद करता है। हालांकि, हर फिल्टर हर तरह के प्रदूषण को नहीं हटाता। इसलिए खरीदने से पहले देखें कि एयर प्यूरीफायर में किस तरह के फिल्टर दिए गए हैं और वे किन चीजों को हटाने में सक्षम हैं।
फिल्टर बदलने का खर्च और मेंटेनेंस भी चेक करें
कई लोग एयर प्यूरीफायर खरीदते समय सिर्फ उसकी कीमत देखते हैं, लेकिन बाद में फिल्टर बदलने का खर्च उनके बजट पर भारी पड़ सकता है। इसलिए डिवाइस खरीदने से पहले यह पता कर लें कि उसका फिल्टर कितने समय में बदलना पड़ता है और नया फिल्टर कितने रुपये में मिलेगा।
इसके अलावा, यह भी देखें कि आपके शहर में उस मॉडल के ओरिजिनल फिल्टर आसानी से उपलब्ध हैं या नहीं। कुछ एयर प्यूरीफायर में फिल्टर बदलने का खर्च ज्यादा होता है, जबकि कुछ मॉडल का मेंटेनेंस अपेक्षाकृत सस्ता पड़ सकता है। अगर आप रोजाना कई घंटे एयर प्यूरीफायर चलाने वाले हैं, तो बिजली की खपत और शोर के स्तर पर भी ध्यान दें। ऐसा मॉडल चुनें, जिसे लंबे समय तक चलाना आपके बजट और जरूरत के हिसाब से आसान हो।
एयर प्यूरीफायर खरीदते समय इन बातों का भी रखें ध्यान
इन तीन जरूरी बातों के अलावा कुछ अन्य चीजें भी आपके काम आ सकती हैं। उदाहरण के लिए, एयर क्वालिटी इंडिकेटर वाला मॉडल कमरे की हवा की स्थिति समझने में मदद कर सकता है। वहीं, ऑटो मोड की सुविधा होने पर डिवाइस सेंसर के हिसाब से अपनी स्पीड बदल सकता है। अगर घर में बच्चे, बुजुर्ग या पालतू जानवर हैं, तो एयर प्यूरीफायर को ऐसी जगह रखें जहां हवा का आना-जाना सही रहे और डिवाइस सुरक्षित भी रहे। इसके फिल्टर को निर्माता के निर्देशों के मुताबिक साफ करें या बदलें।
ध्यान रखें कि एयर प्यूरीफायर घर के अंदर हवा में मौजूद कई प्रदूषण कणों को कम करने में मदद कर सकता है, लेकिन यह प्रदूषण से पूरी तरह सुरक्षा की गारंटी नहीं देता। कमरे में बाहर से प्रदूषित हवा का आना कम करना और जरूरत के मुताबिक सुरक्षित वेंटिलेशन बनाए रखना भी जरूरी है।
