Air India Express Refund: अचानक सैकड़ों क्रू मेंबर्स के एक साथ छुट्टी पर जाने की वजह से एयर इंडिया एक्सप्रेस एयरलाइन ऑपरेशनल संकट में आ गई है। चालक दल के सदस्यों की कमी के कारण एयरलाइन को करीब 80 फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ी हैं। लगातार कैंसिल हुईं प्लाइट्स की वजह से एयरपोर्ट्स पर अफरातफरी मच गई। एयरलाइन ने यात्रियों से कहा कि जिनकी फ्लाइट्स हमारे साथ हैं, वो घर से एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले एक बार उड़ान का स्टटेस चेक कर लें। अगर आप एयर इंडिया एक्सप्रेस एयरलाइन की फ्लाइट से सफर करने वाले थे और आपकी फ्लाइट कैंसिल हो गई, तो आप कैसे रिफंड ले सकते हैं
एयर इंडिया एक्सप्रेस की कई उड़ाने रद्द (फोटो साभार - ट्विटर)
डीजीसीए ने तय किए हैं नियम
किसी भी एयरलाइन को फ्लाइट लेट या कैंसिल होने की स्थिति में डीजीसीए के नियमों का पालन करना होता है। एयरलाइन को फ्लाइट रद्द होने या देरी होने की स्थिति में यात्रियों को सर्विस प्रोवाइड करनी होती है।
पैसेंजर्स के अधिकार
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा जारी नागरिक उड्डयन आवश्यकता (CAR) सेक्शन 3, सीरीज M, भाग IV के अनुसार, बोर्डिंग से इंकार करने, फ्लाइट को रद्द करने और देरी के कारण एयरलाइंस को कई सुविधाएं पैसेंजर्स को उपलब्ध करवानी होती हैं।
कैंसिल हो गई फ्लाइट
फ्लाइट कैंसिल की स्थिति में एयरलाइंस को वैकल्पिक फ्लाइट पैसेंजर के लिए उपलब्ध करवानी होती है। अगर यह संभव नहीं हो पाता है, तो फिर पूरा रिफंड के अलावा मुआवजा भी देना होगा। इसके अलावा, एयरलाइन को यात्रियों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था करनी होगी। ये सुविधा उन्हें प्रदान की जाएगी, जो फ्लाइट में बोर्ड होने के लिए एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं। रिफंड के मामले में जिन यात्रियों ने टिकट के लिए कैश पेमेंट किया होता है, उन्हें तुरंत पैसा वापस मिल जाता है। ऑनलाइन पेमेंट के के मामले में रिफंड सात दिन के भीतर मिल जाता है।
फ्लाइट हो गई लेट
अगर फ्लाइट लेट हो जाती है, तो एयरलाइन को यात्रियों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था करनी होगी। फिर वैकल्पिक उड़ान/टिकट का पूरा रिफंड प्रदान करना आवश्यक है या फिर फ्लाइट के डिले के आधार पर रहने के लिए होटल की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
इस बात का रखें ध्यान
हालांकि, यात्रियों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि जहां फ्लाइट कैंसिल और लेट अप्रत्याशित घटना के कारण होती है, उस स्थिति में रिफंड नहीं मिलेगा। ऐसे मामलों में क्षतिपूर्ति करने के लिए एयरलाइंस बाध्य नहीं हैं। यानी जो स्थिति एयरलाइन के कंट्रोल से बाहर हैं, इसके लिए वो किसी भी तरह की क्षतिपूर्ति के लिए बाध्य नहीं है।
