Where is golden mountain in India (भारत का स्वर्ण पर्वत कौन सा है): भारत में बहुत सी ऐसी चीजें हैं जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। आज हम जिसे बारे में बात कर रहे हैं, उसे भारत का सोने का पहाड़ कहा जाता है। जी हां आपने बिल्कुल सही सुना। भारत और नेपाल के बॉर्डर पर स्थित पूर्वी हिमालय का कंचनजंगा दुनिया का तीसरा सबसे ऊंचा पर्वत है और भारत का सबसे ऊंचा पर्वत कहलाता है। यहां के रहने वाले लोगों ने इसे एक प्यारा नाम दिया है स्वर्ण पर्वत यानी सोने का पहाड़।
भारत में सोने का पहाड़ किसे और क्यों कहा जाता है (Pic: iStock)
भारत की गोल्डन माउंटेन कहां है
भारत का सुनहरा पहाड़ कहा जाने वाला पहाड़ कंचनजंगा है। यह दुनिया का तीसरा सबसे ऊंचा पहाड़ है, जिसकी ऊंचाई 8,586 मीटर (28,169 फीट) है। कंचनजंगा सिक्किम (भारत) और नेपाल की सीमा पर स्थित है और विशाल हिमालय का हिस्सा है। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय इसकी सुनहरी चमक के कारण ही इसे यह नाम मिला है। जैसे ही सूरज की रोशनी इसकी बर्फ से ढकी चोटियों पर पड़ती है, पहाड़ एक चमकदार, सुनहरे रंग से चमक उठता है, जिससे ऐसा लगता है जैसे इसे सोने से तराशा गया हो।
कंचनजंगा को सोने का पहाड़ क्यों कहा जाता है
सच में ये पहाड़ सोने का नहीं है। इसे ये नाम सूरज की रोशनी की वजह से मिला है। क्योंकि जब सूरज उगता है और डूबता है, तो कंचनजंगा की बर्फीली चोटियां पर हल्की सी सूरज की रोशनी पड़ती है। जिसकी वजह से यह रोशनी रिफ्लेक्ट करती है और पूरा पर्वत सोने की तरह दिखने लगता है।
कंचनजंगा का असली मतलब
हर शब्द के अपने मायने होते हैं ठीक उसी प्रकार कंचनजंगा का भी हैं। कंचनजंगा एक तिब्बती भाषा का शब्द है जिसका मतलब है ऊंची बर्फ के पांच खजाने। कहा जाता है कि ये खजाने सोना, चांदी, कीमती पत्थर, अनाज और पवित्र ग्रंथों का प्रतिनिधित्व करते हैं। जिससे धन और खुशहाली के साथ इसका संबंध जोड़ा जाता है।
भारत में कंचनजंगा गोल्डन माउंटेन कहां देख सकते हैं
भारत में कंचनजंगा को देखने की जगह गंगटोक (सिक्किम) में है। इसे कंचनजंगा को देखने के लिए सबसे लोकप्रिय जगह माना जाता है। यहां का सूर्योदय के समय नजारा बेहद शानदार होता है। यहां खासतौर पर Tashi View Point और Hanuman Tok से साफ दृश्य मिलता है।
इसके अलावा सिक्किम के ही पेलिंग से कंचनजंगा बहुत करीब और साफ दिखाई देती है। यहां Pelling Skywalk और Sangachoeling Monastery अच्छे व्यू पॉइंट हैं।
पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग से भी कंचनजंगा को लुक बहुत शानदार आता है। Tiger Hill से सूर्योदय के समय कंचनजंगा का सुनहरा दृश्य प्रसिद्ध है।
कंचनजंगा पर्वत के और नाम क्या हैं
कंचनजंगा को सिर्फ गोल्डन माउंटेन के नाम से ही नहीं जाना जाता। समय के साथ, इसे कई और नाम भी मिले हैं जैसे कि
- बर्फ का खजाना: जो सोना, चांदी, रत्न, अनाज और पवित्र ग्रंथों का प्रतीक हैं।
- स्लीपिंग बुद्धा: इसकी चोटियां आराम करते हुए बुद्ध जैसी दिखती हैं।
- सेवा लुंगमा: आस-पास के इलाकों में एक स्थानीय नाम।
कंचनजंगा को यह नाम कैसे मिला
कंचनजंगा का मतलब है बर्फ के पांच खजाने। यह नाम इसकी पांच मुख्य चोटियों की वजह से पड़ा है। इन पांच चोटियों के नाम हैं - कंचनजंगा मुख्य, कंचनजंगा पश्चिम (यालुंग कांग), कंचनजंगा मध्य, कंचनजंगा दक्षिण और कंगबाचेन। यहां का तापमान सर्दियों में –40°C तक गिर सकता है। तेज बर्फीले तूफ़ान और भारी बर्फ गिरना यहां आम बात हैं। वैसे ये भी बताया जाता है कि टेक्टोनिक गतिविधि के कारण हिमालय कंचनजंगा हर साल लगभग 5 mm ऊपर उठ रहा है।
देखें सुंदर फूल भी
इस इलाके में 400 से ज्यादा तरह के ऑर्किड फूल पाए जाते हैं। यहां कई सुंदर और खास पौधे उगते हैं। हिमालयन ब्लू पॉपी भी यहां मिलता है, जो एक खास पौधा है। इस वजह से यह जगह पौधों और फूलों के लिए भी बहुत प्रसिद्ध है।
