Travel Trends: समय तेजी से बदल चुका है। पहले घूमने जाने के लिए कोई खास वजह होना जरूरी माना जाता था लेकिन, अब छुट्टियां हों, कोई त्योहार हो, परिवार के साथ कार्यक्रम हो या फिर बस चिलआउट करना हो लोग घूमने का प्लान बना ही लेते हैं। भारत के लोगों में भी घूमने को लेकर क्रेज पहले के मुकाबले अब काफी तेजी से बढ़ा है। अब कई भारतीयों के लिए घूमना किसी खास मौके तक सीमित नहीं रह गया है। कभी मूड अच्छा हुआ तो ट्रैवल का प्लान बन गया, कभी कोई छोटी कामयाबी मिली तो उसका जश्न मनाने निकल पड़े और कभी मौसम पसंद आया तो बैग पैक कर लिया।
ट्रैवल ट्रेंड 2026
बिना वजह घूमने का बढ़ रहा ट्रेंड
Booking.com के ट्रैवल रिसर्च 2026 के मुताबिक, 58 फीसदी भारतीय यात्रियों ने पिछले साल कम से कम एक बार बिना किसी खास वजह के यात्रा की। इस रिसर्च में 1,000 उपभोक्ताओं से बात की गई थी। रिसर्च से पता चलता है कि लोगों के लिए अब घूमना सिर्फ छुट्टियां बिताने का तरीका नहीं है। रोजमर्रा की जिंदगी में छोटी-छोटी खुशियों को सेलिब्रेट करने के लिए भी लोग यात्रा का सहारा ले रहे हैं। यानी अब सवाल यह कम हो गया है कि कहां और क्यों जाना है? और ज्यादा यह हो गया है-कब निकलना है?
छोटी सी कामयाबी भी बन रही है ट्रैवल की वजह
कई लोगों के लिए अब बड़ी उपलब्धि का इंतजार जरूरी नहीं है। रिसर्च के मुताबिक, 61 फीसदी भारतीय यात्रियों ने अपनी छोटी-छोटी सफलताओं का जश्न मनाने के लिए यात्रा की। इन सफलताओं में फिटनेस का कोई लक्ष्य पूरा करना, मुश्किल सप्ताह से निकलना या रोजमर्रा की जिंदगी में कोई छोटा लक्ष्य हासिल करना शामिल था। यानी किसी बड़े उत्साह का इंतजार करने के बजाय लोग छोटी खुशियों को भी खास बनाने लगे हैं।
Staycation का भी बढ़ रहा चलन
इसके अलावा लोग दूर जाने के बजाय अपने ही शहर या आसपास के इलाके में छुट्टियां बिताने का विकल्प भी चुन रहे हैं।
रिसर्च के अनुसार, 55 फीसदी यात्रियों ने होटल में रहने के अनुभव के लिए Staycation का विकल्प चुना। वहीं 57 फीसदी लोगों ने स्थानीय मौसम को भी यात्रा की वजह माना। इससे साफ है कि ट्रैवल अब सिर्फ लंबी छुट्टी या दूसरे शहर जाने तक सीमित नहीं है। अपने शहर में एक अच्छा होटल बुक करके आराम करना भी लोगों को पसंद आ रहा है।
गोवा में भी दिख रहा बदलाव
इस बदलती सोच का असर लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर भी नजर आ रहा है। गोवा इसका एक अच्छा उदाहरण है। मानसून के दौरान भी गोवा के लिए ट्रैवल सर्चेज में करीब 40 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। यानी अब लोग सिर्फ गर्मियों या छुट्टियों के मौसम में ही गोवा जाने के बारे में नहीं सोच रहे हैं। गोवा अब केवल बीच डेस्टिनेशन के तौर पर नहीं देखा जा रहा। वहां का लोकल कल्चर, खाने-पीने की चीजें और स्लो ट्रैवल एक्सपीरियंस भी लोगों को आकर्षित कर रहा है।
