Roopkund Trek Route: घूमने-फिरने का शौक रखने वाले पर्यटक हमेशा ही किसी रोमांचकारी ट्रैवल डेस्टिनेशन की तलाश में रहते हैं। हम आपको जिस रहस्यमयी और रोमांचकारी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं उसके बारे में जानने के बाद आप शायद ही खुद को रोक पाएं। संभावना ये है कि इस जगह के बारे में जानकर आप बैग उठाएंगे, ट्रेकिंग शूज साथ लेंगे और दिल में अजीब-सी बेचैनी लेकर निकल पड़ेगे। अगर एडवेंचर, इतिहास और हिमालय आपको लुभाते हैं तो इस बार रूपकुंड ट्रेक आपकी अगली ट्रैवल डेस्टिनेशन है।
Mysterious Trek Roopkund (photo: canva)
सुन कर आपको थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन ये कहानी उस झील की है जहां आज भी सैकड़ों साल पुरानी हड्डियां बर्फ के नीचे सो रही हैं। रूपकुंड झील को स्केल्टन लेक (Skeleton Lake) के नाम से भी जाना जाता है। यहां मानव कंकाल गर्मियों में बर्फ के पिघलने के दौरान साफ-साफ नजर आते हैं। उत्तराखंड राज्य के चमोली जिले में स्थित रूपकुंड झील का रास्ता आपको रोमांच से भर देगा। रास्ते में पत्थर, बर्फ और ग्लेशियर आपको मंजिल के और भी करीब ले जाएंगे।
Roopkund Trek (photo: canva)
ट्रेकिंग करके जब आप रूपकुंड झील पहुंचेंगे तो सफेद बर्फ के बीच नीला पानी और उसके अंदर… हड्डियां देखकर आपकी आत्मा तक रोमांच से भर जाएगी। ये नजारा कुछ ऐसा होगा मानो प्रकृति ने इतिहास को बर्फ में सहेज कर रख छोड़ा हो। यहां नदी में तैरते नर कंकालों की संख्या लगभग 300 से 600 लोगों के बीच मानी जाती है।
रूपकुंड ट्रेक पर जाने का अगर आपने मन बना लिया है तो जान लें कि इसे पूरा करने में कितना दिन लगेगा ये पूरी तरह से अलग-अलग मौसम और ट्रेकिंग की गति पर निर्भर करता है। ये ट्रेक आपको घने जंगलों, खूबसूरत घाटियों, बर्फ से ढकी चोटियों और आखिर में उस रहस्यमयी झील तक पहुंचाता है जिसका पूरा रास्ता यहां समझ लें-
Roopkund Trek (photo: canva)
ट्रेक का बेस कैंप
लोहारजंग (एक छोटा सा पहाड़ी गांव) ट्रेक का बेस कैंप (यहां से रूपकुंड ट्रेक शुरू होता है) है। यह सबसे फेमस और सुविधाजनक मार्ग है। अगर आप इस मार्ग का चुनाव करते हैं तो दोनों तरफ मिलाकर लगभग 30-35 किलोमीटर ट्रेक की दूरी पड़ती है। ट्रेक करने में आपको 6-7 दिन का समय लग सकता है।
ट्रेक रूट: लोहारजंग- डिडिना / कुलिंग- आली बुग्याल- बेदनी बुग्याल- पातर नचौनी- भगुवाबासा रूपकुंड झील।
ट्रेक दूरी: लगभग 30-35 किलोमीटर (दोनों तरफ)
दिन: 6-8 दिन का ट्रेक
वान गांव से रूपकुंड
अगर आप ट्रेक को थोड़ा छोटा करना चाहते हैं तो वान गांव से रूपकुंड जाने का विकल्प भी चुन सकते हैं। यह लोहारजंग के पास ही स्थित एक वैकल्पिक ट्रेकिंग पॉइंट है।
ट्रेक रूट: वान- गहरोली पातल- बेदनी बुग्याल- रूपकुंड
Roopkund Trek (photo: canva)
रूपकुंड ट्रेक के रास्ते में क्या देखने को मिलता है?
लोहारजंग से अगर आप यात्रा की शुरुआत करते हैं तो नंदा घाटी और आसपास के बर्फीले पहाड़ों के शानदार दृश्य मार्ग में आप देख सकते हैं। रास्ते में छोटे-छोटे पहाड़ी गांव आपको मिलेंगे जहां कुछ देर ठहरकर आराम करने के साथ ही आप यहां की स्थानीय संस्कृति, परंपराएं और पहाड़ी लाइफस्टाइट को करीब से देख पाएंगे।
डिडिना गांव
-लोहारजंग से लगभग 6–7 किमी का ट्रेक करके आप डिडिना गांव पहुंच जाएंगे। डिडिना गांव रूपकुंड ट्रेक के रूट पर आने वाला एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यात्रा पर आगे बढ़ने से पहले डिडिना गांव में रुककर आपको कैमरा, पावर बैंक और फोन चार्ज कर लेना बेहद जरूरी है क्योंकि इसके बाद आगे बिजली की व्यवस्था नहीं होगी।
-इस गांव की खासियत इसकी शांति, पारंपरिक पहाड़ी जीवनशैली और प्राकृतिक सौंदर्य है। गांव की खूबसूरती ऐसी है कि आपको लगेगा कि 4-5 दिन यहीं रुक जाया जाए। यहां के लोग बेहद मिलनसार हैं ऐसे में पहाड़ी मेहमाननवाजी का अनुभव आपको यहां मिल जाएगा।
Roopkund Trek (photo: canva)
आली बुग्याल
डिडिना से 6-7 किलोमीटर का ट्रेक करके आप आली बुग्याल पहुंच जाएंगे। आली बुग्याल एक खूबसूरत हरा-भरा मैदान है जो किसी जादू से कम नहीं है। पहाड़ों की गोद में बसी इस जगह को देखकर आपको ऐसा लगेगा- प्रकृति अगर कविता होती, तो यही होती। टेंट लगाकर बर्फीली हवाओं के बीच रात बिताना आपको मंत्रमुग्ध कर देगा।
समझ लें पूरा रास्ता
इसके बाद आली बुग्याल से लगभग 6 किलोमीटर दूर चित्रकूट झरना आपका अगला स्टॉप (रास्ता थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है) होगा। चित्रकूट झरने से 10 किलोमीटर का ट्रेक करके आप जोंलीमठ (बर्फ और पत्थरों से भरा रास्ता) पहुंच जाएंगे। जोंलीमठ में आपको रुककर आराम करना होगा और फिर अगले दिन अंतिम और सबसे चुनौतीपूर्ण चरण रूपकुंड झील की ओर आगे बढ़ना होगा। ये रास्ता करीब 6-7 किलोमीटर लंबा है जो ट्रेक का सबसे रोमांचक और रहस्यमयी हिस्सा भी है। जैसे ही आप टॉप पर पहुंचेंगे आपको बर्फ के बीच स्थित झील दिखेगी जहां हड्डियां मिलती हैं।
