Silent Festival Tourism: आजकल फेस्टिवल का नाम सुनते ही तेज म्यूजिक, डीजे, भीड़ और देर रात तक चलने वाली पार्टियों का ख्याल आता है। लेकिन जरा सोचिए, अगर किसी फेस्टिवल में न तेज गाने हों, न शोर-शराबा और न ही भीड़ का हंगामा, बल्कि हवा की आवाज, पक्षियों की चहचहाहट और प्रकृति के बीच सुकून के पल बिताने का मौका मिले तो कैसा रहेगा? सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लगता है, लेकिन फिनलैंड में ऐसा ही एक अनोखा फेस्टिवल शुरू हुआ है। इसे दुनिया का सबसे शांत फेस्टिवल कहा जा रहा है। इसका नाम है हिल्जा फेस्ट (Hiljaa Fest), जिसे लोग Quietchella भी कह रहे हैं।
बिना शोर-शराबे वाला अनोखा म्यूजिक फेस्टिवल
क्या है Quietchella फेस्टिवल?
फिनलैंड ने दुनिया को यह दिखाने की पहल की है कि कभी-कभी जिंदगी की रफ्तार धीमी करके भी खुश रहा जा सकता है। इसी सोच के साथ देश में पहली बार प्रकृति की आवाजों को सुनने के लिए हिल्जा फेस्ट का आयोजन किया जा रहा है। हिल्जा का मतलब होता है शांति से या चुपचाप।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस फेस्टिवल का आयोजन दक्षिणी फिनलैंड के वाल्कमुसा नेशनल पार्क में किया गया है। यह जगह हेलसिंकी से करीब डेढ़ घंटे की दूरी पर स्थित है। इस फेस्टिवल की सबसे खास बात यह है कि यहां किसी मशहूर गायक या बैंड को परफॉर्म करने के लिए नहीं बुलाया गया है। यहां प्रकृति ही सबसे बड़ी कलाकार है।
यह फेस्टिवल 10 अक्टूबर को शुरू हुआ और 31 अक्टूबर तक चलेगा। जहां दूसरे फेस्टिवल में लोग तेज म्यूजिक और डीजे का आनंद लेते हैं, वहीं यहां लोगों को शांत माहौल में प्रकृति की आवाजों को सुनने का मौका मिलता है। यही वजह है कि इसे ‘Quietchella’ नाम दिया गया है।
यहां प्रकृति की आवाजें होंगी सबसे बड़ी आकर्षण
इस फेस्टिवल में आपको बड़े-बड़े मंच, तेज रोशनी और कानों में गूंजने वाला म्यूजिक नहीं मिलेगा। इसकी जगह यहां प्रकृति की छोटी-छोटी आवाजों पर ध्यान देने का मौका मिलेगा। फेस्टिवल की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इसके मुख्य आकर्षण के तौर पर पक्षियों, हवा और दलदली जमीन पर उगने वाली काई का जिक्र किया गया है।
जरा सोचिए, जब आप रोजमर्रा की भागदौड़ से दूर किसी शांत जगह पर बैठते हैं, तो हवा के चलने, पत्तों के हिलने और पक्षियों के बोलने की आवाज कितनी अच्छी लगती है। इस फेस्टिवल का मकसद भी कुछ ऐसा ही है। यहां आने वाले लोग प्रकृति को करीब से महसूस कर सकते हैं और कुछ समय के लिए रोज के शोर-शराबे से दूरी बना सकते हैं।
आज के समय में जब ज्यादातर लोग मोबाइल, सोशल मीडिया, काम और ट्रैफिक के शोर के बीच अपना दिन बिताते हैं, तब इस तरह का आयोजन लोगों को एक अलग अनुभव दे सकता है।
घूमने के लिए कौन-सा समय है सबसे अच्छा?
हिल्जा फेस्ट का आयोजन अक्टूबर में किया गया है। इस दौरान यहां शरद ऋतु का नजारा देखने को मिलता है। बदलते मौसम, शांत वातावरण और प्राकृतिक आवाजों के बीच समय बिताने का अनुभव इस फेस्टिवल को दूसरे आयोजनों से अलग बनाता है। हालांकि, अगर आप फेस्टिवल के अलावा वाल्कमुसा नेशनल पार्क घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो मई से अगस्त के बीच का समय भी अच्छा माना जाता है। इस दौरान यहां पक्षियों को देखने, जंगली फूलों और हरियाली का आनंद लेने का मौका मिल सकता है। प्रकृति से प्यार करने वाले लोगों के लिए यह जगह किसी खास अनुभव से कम नहीं है। यहां घूमने का मतलब सिर्फ खूबसूरत तस्वीरें लेना नहीं, बल्कि आसपास के माहौल को महसूस करना भी है।
दुनिया का सबसे खुशहाल देश क्यों कहलाता है फिनलैंड?
फिनलैंड की चर्चा सिर्फ इस अनोखे फेस्टिवल की वजह से नहीं हो रही है। यह देश लंबे समय से दुनिया के सबसे खुशहाल देशों की सूची में पहले स्थान पर बना हुआ है। वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट के मुताबिक, फिनलैंड लगातार नौ साल से दुनिया का सबसे खुशहाल देश रहा है। रिपोर्ट में लोगों के जीवन के प्रति संतुष्टि के स्तर को मापने के लिए कई पहलुओं पर विचार किया जाता है। इनमें सामाजिक सहयोग, भरोसा, जीवन की गुणवत्ता और लोगों का अपना जीवन कैसा चल रहा है, इसे लेकर उनकी राय शामिल है।
