Meghalaya Tourism: शिमला, मसूरी नैनीताल जाकर अगर आप बोर हो गए हों तो इस बार आपको नॉर्थ ईस्ट के इस अनोखे हिल स्टेशन की यात्रा करनी चाहिए जिसे पूर्व का स्कॉटलैंड भी कहते हैं। हम बात कर रहे हैं मेघालय राज्य की राजधानी और एक प्रमुख हिल स्टेशन शिलांग की जो आपकी बकेटलिस्ट में हर हाल में शामिल होना चाहिए। नॉर्थईस्ट में स्थित शिलांग खूबसूरत प्राकृतिक सुंदरता के अलावा समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के लिए भी फेमस है।
बादलों का शहर शिलॉन्ग
घाटियां, जंगल और झरने शिलांग में पर्यटकों के लिए देखने को बहुत कुछ है। प्राकृतिक सुंदरता समेटे शिलांग हरियाली और पहाड़ी दृश्यों के लिए पर्यटकों को खासा लुभाता है। कहा जाता है कि एक बार यहां आने के बाद आपका वापस लौटने का मन नहीं करता। समुद्र तल से लगभग 1,491 मीटर की ऊंचाई पर स्थित शिलांग का मौसम ज्यादातर ठंडा और सुखद रहता है। मार्च से जून के बीच यहां का मौसम सुहावना रहता है।
प्रमुख आकर्षण: पहाड़, झील और झरनों के बीच सुकून भरी छुट्टी चाहते हैं, तो शिलॉन्ग जरूर जाएं। एलीफेंट फॉल्स, नोकरेक, शिलांग पीक, नोकरेक नेशनल पार्क, उमियाम झील और एलिफेंट फॉल्स यहां का प्रमुक आकर्षण है जिसे देखने दूर-दूर से पर्यटक यहां आते हैं।
कैसे पहुंचें शिलॉन्ग: गुवाहाटी से शिलॉन्ग के लिए नियमित बस और शेयर टैक्सी सेवाएं उपलब्ध हैं। शिलॉन्ग का नजदीकी बड़ा एयरपोर्ट लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (गुवाहाटी) है, जो यहां से करीब 125 किलोमीटर दूर है। शिलॉन्ग में रेलवे स्टेशन नहीं है। नजदीकी रेलवे स्टेशन गुवाहाटी है, जो देश के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। वहां से सड़क मार्ग द्वारा आसानी से शिलॉन्ग पहुंच सकते हैं।
कहां ठहरें: शिलॉन्ग में हर बजट के लिए होटल और होमस्टे उपलब्ध हैं। शहर में कई प्रीमियम होटल हैं जहां से पहाड़ों का शानदार नज़ारा देखने को मिलता है। मिड-रेंज होटल की अगर आप तलाश में हैं तो फिर पुलिस बाजार और लैतुमखरा इलाके में अच्छे और किफायती होटल मिल जाते हैं। इसके अलावा अगर आप लोकल कल्चर को करीब से महसूस करना चाहते हैं, तो होमस्टे बेहतर विकल्प है। यहां आपको खासी समुदाय की मेहमाननवाजी का अनुभव मिलेगा।
