आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है। अब आपको हर एक सेक्टर में एआई की पहुंच देखने को मिल जाएगी। यूपीआई के करोड़ों यूजर्स की सहूलियत के लिए NPCI जल्द ही यूपीआई में एक बड़ा अपग्रेड देने जा रहा है। CEO दिलीप अस्बे के बताया कि यूपीआई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की एक बड़ी भागेदारी बहुत जल्द देखने को मिलेगी। उनके मुताबिक एआई की मदद से नए ग्राहकों को जोड़ना आसान होगा और साथ ही वॉयस फीचर के जरिए इसकी लोगों तक पहुंच आसान बनेगी।
यूपीआई में जल्द मिल सकते हैं कुछ नए फीचर्स।(फोटो क्रेडिट-iStock)
TechCrunch को इंटरव्यू देते हुए दिलीप अस्बे ने कहा कि यूपीआई के अगले ग्रोथ फेज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का काफी ज्यादा प्रभाव रहने वाला है। उनके अनुसार आने वाले समयमें वॉयस असिस्टेंट और मल्टी लैंग्वेज फीचर की वजह से नए ग्राहकों के लिए यूपीआई का इस्तेमाल करना बेहद आसान होगा।
साल 2023 में NPCI ने आवाज के जरिए काम करने वाला एक इंटरैक्टिव वॉयस असिस्टेंट सिस्टम लॉन्च किया था, ताकि लोग बोलकर आसानी से डिजिटल पेमेंट और दूसरी सेवाओं का इस्तेमाल कर सकें। हालांकि, NPCI के एमडी और सीईओ दिलीप अस्बे के मुताबिक, अभी तक इस सिस्टम का इस्तेमाल उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पाया है। इसे देखते हुए अब संगठन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से इस तकनीक को और स्मार्ट, आसान और प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें।
लोन मंजूरी में एआई की मदद
NPCI के मुताबिक, AI का इस्तेमाल केवल नए लोगों को डिजिटल पेमेंट से जोड़ने तक ही सीमित नहीं रहेगा। आगे चलकर AI ऐसी तकनीक तैयार करने में मदद कर सकता है, जो यूजर्स और कारोबारियों की डिजिटल गतिविधियों के आधार पर उनकी प्रोफाइल का आकलन करे। इससे लोन या अन्य क्रेडिट सेवाओं के लिए पात्रता तय करने की प्रक्रिया तेज और बेहतर हो सकती है। यानी भविष्य में लोन मंजूरी जैसे कामों में भी AI की अहम भूमिका देखने को मिल सकती है। फिलहाल, NPCI ने इस फीचर को कब लॉन्च किया जाएगा, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
फ्रॉड रोकने के लिए AI का इस्तेमाल
NPCI ऑनलाइन धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए भी AI तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। NPCI के एमडी और सीईओ दिलीप अस्बे के अनुसार, AI की मदद से संदिग्ध लेनदेन, फर्जी गतिविधियों और म्यूल अकाउंट्स की पहचान पहले से अधिक तेज और सटीक तरीके से की जा सकेगी। इससे UPI प्लेटफॉर्म की सुरक्षा मजबूत होगी और यूजर्स के लिए डिजिटल भुगतान पहले से ज्यादा सुरक्षित बन सकेगा।
