अगर आप मोबाइल रिचार्ज कराते हैं, तो आने वाले महीनों में आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म Centrum Institutional Research की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की टेलीकॉम कंपनियां अगले 3 से 4 महीनों के भीतर मोबाइल टैरिफ में 12-15% तक बढ़ोतरी कर सकती हैं। रिपोर्ट का कहना है कि बाजार में प्रतिस्पर्धा कम होने और टेलीकॉम सेक्टर में मजबूत प्राइसिंग माहौल बनने से कंपनियों को टैरिफ बढ़ाने का मौका मिल सकता है।
अगले 3-4 महीनों में महंगे हो सकते हैं मोबाइल रिचार्ज
बाजार में कम हुई प्रतिस्पर्धा, टैरिफ बढ़ाने की संभावना
रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल भारतीय टेलीकॉम बाजार में प्रभावी रूप से 3+1 प्रमुख खिलाड़ी मौजूद हैं जो कि जियो, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया हैं। ऐसे में कंपनियों के लिए कीमतें बढ़ाना पहले की तुलना में आसान हो गया है। इसी वजह से अगले कुछ महीनों में मोबाइल रिचार्ज प्लान महंगे होने की संभावना जताई गई है।
ARPU में होगी बढ़ोतरी
रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) में निजी टेलीकॉम कंपनियों का Average Revenue Per User (ARPU) तिमाही आधार पर 1 से 1.5% तक बढ़ सकता है। इसके पीछे 2G ग्राहकों का तेजी से 4G और 5G नेटवर्क पर शिफ्ट होना, पोस्टपेड ग्राहकों की संख्या में इजाफा और तिमाही में अधिक दिनों का होना प्रमुख कारण बताए गए हैं।
एयरटेल और जियो बढ़ाएंगे बाजार हिस्सेदारी
Centrum की रिपोर्ट के अनुसार, भारती एयरटेल और रिलायंस जियो आने वाले समय में भी अपने ग्राहक आधार का विस्तार जारी रखेंगे, जबकि वोडाफोन आइडिया (Vi) पर दबाव बना रह सकता है।
अनुमान है कि जून तिमाही में:
- रिलायंस जियो लगभग 70 लाख नए ग्राहक जोड़ सकती है।
- भारती एयरटेल के साथ करीब 50 लाख नए ग्राहक जुड़ सकते हैं।
- वहीं, वोडाफोन आइडिया केवल करीब 2 लाख नए ग्राहक जोड़ने में सफल रह सकती है।
4G और 5G के बढ़ते इस्तेमाल से डेटा खपत मजबूत
रिपोर्ट में कहा गया है कि देशभर में 4G और 5G नेटवर्क का विस्तार लगातार बढ़ रहा है, जिससे प्रति ग्राहक डेटा खपत भी मजबूत बनी रहेगी। जियो और एयरटेल दोनों ही 90% से अधिक जिलों में 5G सेवाएं उपलब्ध करा चुके हैं और अब उनका फोकस अधिक से अधिक 5G स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं को अपने नेटवर्क से जोड़ने पर है।
5G FWA और ब्रॉडबैंड सेवाओं की भी बढ़ रही मांग
रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस जियो और भारती एयरटेल को 5G Fixed Wireless Access (FWA) और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सेवाओं में भी अच्छी बढ़त मिल रही है। चूंकि इस क्षेत्र में अभी भी इंटरनेट की पहुंच अपेक्षाकृत कम है, इसलिए कंपनियों के लिए यहां तेजी से विस्तार की संभावना बनी हुई है।
