मारुति सुजुकी ने हाल ही में कंज्यूमर कोर्ट के उस फैसले को चुनौती देने का फैसला किया है, जो ग्रैंड विटारा एसयूवी से जुड़े एक मामले में ग्राहक के पक्ष में दिया गया था। दरअसल, उपभोक्ता आयोग ने अपने आदेश में कहा था कि कंपनी ग्राहक की मौजूदा कार के बदले E20 कंप्लायंट नई ग्रैंड विटारा उपलब्ध कराए। यदि ऐसा संभव नहीं हो, तो कंपनी वाहन की कीमत ग्राहक को लौटाए। इस फैसले के बाद मारुति सुजुकी ने कहा है कि वह आदेश से सहमत नहीं है और इसे उच्च स्तर पर चुनौती देगी।
फिलहाल यह मामला कानूनी प्रक्रिया में है।
यह मामला E20 फ्यूल कंप्लायंस को लेकर सामने आया, जिसके बाद उपभोक्ता आयोग ने ग्राहक के हित में फैसला सुनाया। अब इस विवाद पर आगे की कानूनी प्रक्रिया में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
मारुति सुज़ुकी का कहना है कि संबंधित मामले में शामिल वाहन पहले से ही E20 कम्पैटिबल था और उसे E20 ईंधन के उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार किया गया था। कंपनी के अनुसार, वाहन के ओनर मैनुअल में भी स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यह मॉडल E20 फ़्यूल के उपयोग के लिए उपयुक्त है।
फ्यूल में मिलावट के नमूने
कंपनी ने दावा किया कि जांच के दौरान ग्राहक की गाड़ी से लिए गए ईंधन के नमूने में मिलावट के प्रमाण मिले हैं। मारुति सुज़ुकी का कहना है कि यह तथ्य मामले में महत्वपूर्ण था, लेकिन आयोग के आदेश में इसे पर्याप्त रूप से शामिल नहीं किया गया। इसके अलावा कंपनी का यह भी कहना है कि आदेश में कई अन्य आवश्यक और प्रासंगिक तथ्यों का भी उल्लेख नहीं किया गया है।
मारुति सुजुकी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि वह इस आदेश के खिलाफ कानून के तहत उपलब्ध उचित कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेगी और उच्च न्यायिक मंच पर अपील दायर करेगी।
कंपनी बोली- ग्राहकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मारुति सुजुकी ने कहा कि ग्राहकों की सुरक्षा, बेहतर गुणवत्ता और उनकी संतुष्टि कंपनी की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। कंपनी का कहना है कि वह अच्छी तकनीक, मजबूत मैन्युफैक्चरिंग और सख्त गुणवत्ता जांच के जरिए ग्राहकों को भरोसेमंद वाहन देने के लिए लगातार काम करती है।
फिलहाल यह मामला कानूनी प्रक्रिया में है। कंपनी ने कंज्यूमर कोर्ट के फैसले को चुनौती देने का फैसला किया है। अब इस मामले में आगे की सुनवाई होगी और उच्च अदालत या आयोग के अंतिम फैसले के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आगे क्या होगा।
