भारत बनेगा चिप हब? आएगा 5 लाख करोड़ का निवेश! सेमीकॉन 2.0 से बड़ी उम्मीद

अगले पांच से सात वर्षों में भारत में 5 से 7 चिप विनिर्माण इकाइयां यानी वेफर फैब्स स्थापित होने की उम्मीद है। इससे देश में चिप निर्माण क्षमता बढ़ेगी और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार की नई ‘सेमीकॉन 2.0’ योजना बड़े निवेश का रास्ता खोल सकती है। उद्योग निकाय भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर संघ (IESA) के मुताबिक, इस योजना में अगले पांच से सात वर्षों के दौरान सेमीकंडक्टर सेक्टर में 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कुल निजी और उद्योग निवेश को गति देने की क्षमता है।

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Semiconductor चिप (तस्वीर-Canva)

1.27 लाख करोड़ रुपये की योजना अधिसूचित

PTI/भाषा के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सोमवार को 1.27 लाख करोड़ रुपये की सेमीकॉन 2.0 योजना को अधिसूचित किया। इस योजना को केंद्र सरकार ने पिछले महीने मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य देश में चिप निर्माण के साथ-साथ सेमीकंडक्टर से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को मजबूत करना है। IESA और SEMI India के अध्यक्ष अशोक चांडक ने कहा कि मौजूदा निवेश योजनाओं और सेमीकॉन 2.0 के व्यापक दायरे को देखते हुए इस योजना से बड़े पैमाने पर निजी निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है।

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