Google AR glasses: गूगल ने वैंकूवर में हुए TED 2025 समिट के दौरान अपने नए स्मार्ट AR (Augmented Reality) ग्लासेज को डिस्प्ले किया। ये चश्मे फिलहाल प्रोटोटाइप स्टेज में हैं और इन्हें Android XR प्लेटफॉर्म पर विकसित किया गया है। गूगल के एंड्रॉयड XR प्रमुख शहराम इजादी और प्रोडक्ट मैनेजर निष्ठा भाटिया ने इन्हें पहनकर लाइव डेमो दिया, जिसमें भाषा अनुवाद, बुक स्कैनिंग जैसे फीचर्स दिखाए गए।
Google AR glasses (image-google)
इन AR ग्लासेज में ट्रांसपेरेंट ग्लास पर ग्राफिक्स दिखाने के लिए छोटे-छोटे डिस्प्ले लगे हैं। यह डिवाइस स्मार्टफोन से जुड़ा होता है और गूगल के एआई प्लेटफॉर्म जैमिनी (Gemini) से इंटीग्रेटेड है। डेमो में फारसी से अंग्रेजी का लाइव ट्रांसलेशन भी दिखाया गया।
अभी नहीं होगा लॉन्च
हालांकि गूगल ने इन ग्लासेज का डेमो दिखाया, लेकिन फिलहाल इनके लॉन्च को लेकर कोई समयसीमा तय नहीं की गई है। कंपनी ने यह जरूर दिखा दिया है कि वह स्मार्ट ग्लासेज की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है और इस टेक्नोलॉजी पर काम किया जा रहा है।
AR ग्लासेज की रेस और कंपनियां
स्मार्ट ग्लासेज का बाजार अभी पूरी तरह तैयार नहीं है, लेकिन कई बड़ी कंपनियां इस दिशा में प्रयास कर रही हैं। Meta के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने पिछले साल AR प्रोटोटाइप “Orion” को टीज किया था। वहीं, Snap ने भी अपनी AR-पावर्ड पांचवीं जनरेशन की Spectacles लॉन्च की थी।
गूगल ने 2013 में गूगल ग्लास के साथ सबसे पहले इस क्षेत्र में कदम रखा था, लेकिन शुरुआती तकनीकी सीमाओं और आलोचनाओं की वजह से वह प्रोजेक्ट बंद कर दिया गया। माइक्रोसॉफ्ट ने भी 2015 में HoloLens हेडसेट पेश किया था, लेकिन उसे भी उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली।
क्या है एप्पल की स्थिति
एप्पल ने अब तक AR ग्लासेज को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, हालांकि कंपनी ने 2024 में अपना Vision Pro AR/VR हेडसेट लॉन्च किया था, जिसकी कीमत 3,500 डॉलर थी। हालांकि यह तकनीकी रूप से एडवांस था, लेकिन बिक्री के मामले में इसे ठंडी प्रतिक्रिया मिली।
आम यूजर्स के लिए अभी दूर है सपना
AR ग्लासेज को फिलहाल आम यूजर्स के लिए दूर का सपना कहा जा सकता है, क्योंकि इनकी लागत अभी बहुत अधिक है और इस टेक्नोलॉजी को छोटे, हल्के और सुविधाजनक डिवाइस में पैक करने में समय लग सकता है।
