Incognito Mode को लेकर ये बड़ी गलतफहमी आज दूर कर लें, प्राइवेट ब्राउजिंग का मतलब पूरी तरह गुमनाम होना नहीं

Incognito विंडो बंद करने के बाद आमतौर पर उस सेशन की ब्राउजिंग हिस्ट्री, कुकीज और साइट डेटा सामान्य ब्राउजर प्रोफाइल में सेव नहीं रहते। यही वजह है कि साझा कंप्यूटर या फोन इस्तेमाल करने की स्थिति में यह फीचर काफी उपयोगी हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपकी इंटरनेट एक्टिविटी गायब हो जाती है।

अगर आप इंटरनेट पर कुछ ऐसा सर्च करना चाहते हैं जिसे ब्राउजर की हिस्ट्री में सेव नहीं करना चाहते, तो अक्सर Incognito Mode का इस्तेमाल करते हैं। बहुत से लोगों को लगता है कि Incognito या Private Mode ऑन करने के बाद इंटरनेट पर उनकी पहचान पूरी तरह छिप जाती है और उनकी ऑनलाइन एक्टिविटी को कोई भी ट्रैक नहीं कर सकता। लेकिन यह एक बड़ी गलतफहमी है।

Incognito Mode

क्या Incognito IP Address छिपाता है?

Incognito Mode असल में करता क्या है?

Incognito Mode का मुख्य काम आपके डिवाइस और ब्राउजर पर ब्राउजिंग से जुड़े कुछ लोकल रिकॉर्ड को सेव होने से रोकना है। उदाहरण के लिए, Incognito विंडो बंद करने के बाद आमतौर पर उस सेशन की ब्राउजिंग हिस्ट्री, कुकीज और साइट डेटा सामान्य ब्राउजर प्रोफाइल में सेव नहीं रहते। यही वजह है कि साझा कंप्यूटर या फोन इस्तेमाल करने की स्थिति में यह फीचर काफी उपयोगी हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपकी इंटरनेट एक्टिविटी गायब हो जाती है।

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