Advanced Technology To Monitor Petrol Pumps: सरकार ने पेट्रोल पंप की नियामकीय निगरानी बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी से लैस एक व्यापक मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया है। सोमवार को पेश संसदीय समिति की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। इस मॉनिटरिंग इंफ्रास्ट्राक्चर में ओटीपी-आधारित मापांकन और डिजिटल पेमेंट सिस्टम सहित एडवांस टेक्नोलॉजी को एकीकृत किया गया है, जिससे देश के ईंधन वितरण नेटवर्क में वास्तविक समय पर संकलित आंकड़ों का एनालिसिस संभव हो सकेगा।
Petrol Pump (image-Istock)
देशभर में लागू होगा मॉनिटरिंग सिस्टमसंसद की उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण संबंधी स्थायी समिति की कार्रवाई रिपोर्ट से पता चला है कि निगरानी प्रणाली को देशभर में विस्तारित किया गया है, जिसमें उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है। विधिक माप-विज्ञान अधिनियम, 2009 और विधिक माप-विज्ञान (सामान्य) नियम, 2011 के अंतर्गत विकसित नियामकीय तंत्र एक मजबूत निगरानी ढांचा प्रदान करता है।
रिपोर्ट कहती है, “अधिनियम के प्रावधानों का पालन करके और आधुनिक निगरानी उपकरणों का लाभ उठाकर, सरकार का लक्ष्य नियामकीय निगरानी को बढ़ाना, उपभोक्ता हितों की रक्षा करना और देशभर में सभी खुदरा पेट्रोल पंपों पर निष्पक्ष और पारदर्शी बाजार को बढ़ावा देना है।”
सिफारिश के बाद शुरू हुई पहल
यह निगरानी राज्य और केंद्र सरकार, दोनों स्तरों पर विधिक माप विज्ञान विभागों और पेट्रोलियम विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा संयुक्त रूप से की जाती है। यह पहल संसद की स्थायी समिति की सिफारिशों के बाद की गई है। समिति ने खुदरा पेट्रोल पंप की व्यापक निगरानी के लिए समयबद्ध योजना स्थापित करने के लिए कहा था। नियमित मूल्यांकन महत्वपूर्ण पड़ावों पर नजर रखेगा, चुनौतियों की पहचान करेगा और सुधारात्मक उपायों को लागू करेगा।
इनपुट-भाषा
