मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा भारत, सरकार ने खोला 62,500 करोड़ रुपये का खजाना

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "मंत्रिमंडल ने मोबाइल फोन की दूसरी उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को मंजूरी दे दी है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए लागू रहेगी।"

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को मोबाइल फोन विनिर्माण योजना (एमपीएमएस) के लिए 62,500 करोड़ रुपये के प्रावधान को मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य घरेलू उत्पादन बढ़ाना और एक भारतीय फोन ब्रांड को विकसित करना है। सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रोत्साहन आधारित इस नई योजना से लगभग 15 लाख करोड़ रुपये का निर्यात और 60,000 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।

Mobile Manufacturing

भारत में बने मोबाइल फोन का निर्यात पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है।(फोटो क्रेडिट-iStock)

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "मंत्रिमंडल ने मोबाइल फोन की दूसरी उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को मंजूरी दे दी है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए लागू रहेगी।" उन्होंने संवाददाताओं को इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा, ’’इसमें देश का एक अपना मोबाइल फोन ब्रांड विकसित करने का प्रावधान है। इसके तहत भारतीय मोबाइल फोन के लिए एक अलग परियोजना चलाई जाएगी।’’

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